शुक्रवार को, चौथा बिम्सटेक सम्मेलन अट्ठारह बिंदुओं की घोषणा के साथ खत्म हो गया. इस घोषणा के बाद उम्मीद की जा रही है कि यह बिम्सटेक के अधिकार क्षेत्रों में आर्थिक और तकनीकी गतिविधियों को प्रसार देगा व इनमें बढ़ोतरी होगी. इसके अतिरिक्त, बिम्सटेक के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों ने बिम्सटेक ग्रिड इंटरकनेक्शन को स्थापित करने के सहमति-पत्र पर हस्ताक्षर भी किया.
बिम्सटेक के चेयरमैन केपी शर्मा ओली ने समापन के अवसर पर कहा कि, चौथे बिम्सटेक सम्मेलन में बंगाल की खाड़ी की क्षेत्रीय परिधि में शांति, सामंजस्य और सद्भावना कायम करने सहित सभी पहलुओं पर गंभीरता से बातचीत की गयी. बिम्सटेक सम्मेलन 2018 में, आतंकवाद के बढ़ते प्रभाव, राष्ट्रीय सुरक्षा, नशीले पदार्थों की अवैध व्यापार, साइबर क्राइम, प्राकृतिक आपदा, कारोबार एवं संपर्क से जुड़े विषयों पर चर्चा की गयी और आपसी सहयोग मजबूत बनाने पर जोर दिया गया.
नरेंद्र मोदी ने सभी सदस्यों के सामने कृषि अनुसंधान और अन्य विभिन्न क्षेत्रों पर सम्मेलन की मेजबानी करने की भी पेशकश की. उन्होंने नालंदा यूनिवर्सिटी में बंगाल की खाड़ी की कला, संस्कृति और अन्य विषयों पर अनुसंधान के लिए ‘सेंटर फार बे ऑफ बंगाल स्टडीज’ स्थापित करने की योजना की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि आज सारे देश आतंकवाद और सीमा पार के अपराधों से जूझ रहे हैं. यह बात रखते हुए, उन्होंने नशीले पदार्थों की तस्करी का आतंकी नेटवर्कों से जुड़े होने का उदाहरण भी दिया. सभी सदस्यों को आमंत्रण देते हुए उन्होंने कहा कि भारत नार्कोटिक्स से जुड़े सभी मुद्दों पर बिम्सटेक के अंतर्गत ही सम्मेलन की मेजबानी करना चाहता है. नरेंद्र मोदी ने बिम्सटेक देशों को भारत के ‘नेबरहुड फर्स्ट’ और ‘एक्ट ईस्ट’ नीतियों का साझीदार बताया.
नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में बिम्सटेक महिला सांसदों के लिए विशेष फोरम की स्थापना का प्रस्ताव भी रखा और बिम्सटेक यूथ कॉन्क्लेव और बैंकिंग कॉन्क्लेव को शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा. बिम्सटेक में शामिल हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने अपने ट्विटर अकॉउंट पर लिखा कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं की बिम्सटेक प्रक्रिया को पुनर्जीवित करने की प्रतिबद्धता के साथ यह शिखर सम्मेलन सफलतापूर्वक समाप्त हो गया.’ शुक्रवार को सम्मेलन में शामिल होने के अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमार के राष्ट्रपति विन मिन्त, थाइलैंड के प्रधानमंत्री प्रयुथ चान ओचा और भूटान सरकार के मुख्य सलाहकार दाशो शेरिंग वांगचुक से भी मुलाकात की.
