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हवा में अपने आप चार्ज होगी स्मार्टफोन की बैटरी

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हवा में अपने आप चार्ज होगी स्मार्टफोन की बैटरी
आज स्मार्टफोन के साथ सबसे बड़ी समस्या बैटरी के लाइफ की है. क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि आपके स्मार्टफोन की बैटरी अपनेआप ही चार्ज होती रहे. आपको यह भले ही थोड़ा अचरज भरा लग रहा हो, लेकिन विशेषज्ञ आपकी इस कल्पना को साकार करने में जुटे हैं.
शोधकर्ता एक ऐसी तकनीक पर काम कर रहे हैं, जिसके तहत हवा के जरिये ऊर्जा के न्यूनतम स्तर को हासिल करते हुए बैटरी को चार्ज किया जा सके. इनर्जियस और ओसिया जैसी कंपनियों ने रेडियो फ्रिक्वेंसी और लेजर्स के जरिये इंफ्रारेड लाइट से इसका आरंभिक परीक्षण किया है.
विशेषज्ञों ने दोनों तकनीकों के जरिये काम करने वाले प्रोटोटाइप का परीक्षण किया है. इस कॉन्सेप्ट के कारगर होने पर मोबाइल चार्ज करने के लिए आपको महज कमरे में ट्रांसमीटर्स फिट करना होगा. इस सिस्टम के जरिये आपके फोन की बैटरी स्वत: चार्ज होती रहेगी. इनर्जियस का कहना है कि पहले वह कंप्यूटर और स्पीकर जैसे गैजेट में इस तकनीक का इस्तेमाल कर सकता है.
हो सकता है कि आपको इस बारे में कोई संदेह हो, लेकिन निर्माताओं को इस बारे में कोई संदेह नहीं है, क्योंकि छोटे स्तर पर वे इस ऊर्जा का इस्तेमाल पहले से ही कर रहे हैं.
यह सच है कि रेडियो तरंगों और सूरज से हासिल ऊर्जा का इस्तेमाल पहले से ही होता रहा है. इनर्जियस का तो यहां तक दावा है कि इसके जरिये शरीर पर होने वाले रेडिएशन का असर बेहद कम है. दूसरी ओर, वाई-चार्ज के जरिये चार्ज होने की दशा में वह ट्रांसमीटर और रिसीवर के बीच आने वाली किसी भी बाधा को स्वत: दूर कर देगा.
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