जिस छत्रसाल स्टेडियम ने सुशील कुमार को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई, वही आज उनके सलाखों के पीछे होने की सबसे बड़ी वजह है. दरअसल छत्रसाल स्टेडियम की छत्र छाया में ही सुशील कुमार ने रेसलिंग की ट्रैनिंग ली. जहां से निकलकर वे इंटरनेशनल लेवल तक कई गेम्स जीते. ओलंपिक से लेकर कॉमन वेल्थ गेम्स में सुशील ने अपने दमदार दांव से मेडल्स की झड़ी लगा दी… आज वही छत्रसाल स्टेडियम ओलंपिक मेडल विजेता रेसलर सुशील कुमार की करियर पर ब्रेक की सबसे बड़ी वजह बना है. देखिए पूरी खबर..
