[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Video WhatsApp ने क्यों दी भारत छोड़ने की धमकी? जानिए

WhatsApp ने क्यों दी भारत छोड़ने की धमकी? जानिए

0
WhatsApp ने क्यों दी भारत छोड़ने की धमकी? जानिए
WhatsApp Threats to Leave India

WhatsApp ने भारत छोड़ने की धमकी दे डाली है. कंपनी के वकील ने कोर्ट में कहा है कि अगर उन्हें जबरदस्ती एन्क्रिप्शन पॉलिसी तोड़ने के लिए कहा जाएगा, तो कंपनी भारत से चली जाएगी. आपको बता दें कि भारत सकार के आईटी एक्ट के मुताबिक व्हाट्सऐप को जरूरत पड़ने पर सरकारी एजेंसी के साथ किसी मैसेज का सोर्स शेयर करना होगा. व्हाट्सऐप का कहना है कि उसके प्लैटफॉर्म पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन है, इस वजह से किसी भी सेंडर का सोर्स नहीं बाताया जा सकता है.

व्हाट्सऐप का पक्ष रख रहे अधिवक्ता तेजस करिया ने सुनवाई के दौरान कोर्ट में कुछ ऐसा कहा, जिसने सबको हैरान कर दिया. व्हाट्सऐप ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक सुनवाई के दौरान कहा कि वह भारत में अपने ऐप को बंद कर सकता है. दरअसल कंपनी ने एक केस की सुनवाई के दौरान कहा ऐसा है. मेटा के स्वामित्व वाले इंस्टैंट मैसेंजर प्लैटफॉर्म ने कहा कि अगर उसे एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन मैसेज ब्रेक करने के लिए कहा जाता है तो वह भारत में ऐप बंद कर देगा.

WhatsApp पर अब बुक करें बस टिकट, तरीका है बड़ा आसान

व्हाट्सऐप की ओर से कंपनी का पक्ष रखनेवाले अधिवक्ता ने एक्टिंग चीफ जस्टिस मनमोहन और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ के समक्ष कहा, प्लैटफॉर्म के तौर पर हम कहना चाहते हैं कि एन्क्रिप्शन ब्रेक करने के लिए कहा जाएगा तो व्हाट्सऐप चला जाएगा. मालूम हो कि कोर्ट में इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2021 की मध्यस्थ नियमावली के नियम 4 (2) को चुनौती देनेवाली याचिका पर सुनवाई हो रही है. इसे मेटा ने चुनौती दी है और कोर्ट कंपनी का पक्ष सुन रहा था.

इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2021 की मध्यस्थ नियमावली का नियम 4 (2) दरअसल सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म को बाध्य करता है कि वह मैसेज के फर्स्ट ओरिजिनेटर की जानकारी रखे. यानी कोई भी मैसेज पहली बार व्हाट्सऐप पर किसने शेयर किया, इसकी जानकारी व्हाट्सऐप के पास होनी चाहिए. व्हाट्सऐप ने इस पर अपना पक्ष रखते हुए कहा, अगर व्हाट्सऐप ऐसा करता है तो उसे कई सालों तक लाखों डेटा स्टोर करने पड़ेंगे. विश्व में किसी अन्य देश में ऐसा कोई नियम नहीं है.

WhatsApp चलाएं बिना इंटरनेट के, ये रही कमाल की ट्रिक

Previous article 8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा आठवें वेतन आयोग का तोहफा! रेल यूनियन ने लिखा पत्र
Next article झारखंड में नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम, शीर्ष माओवादी कमांडर राजेंद्र भुइयां गिरफ्तार
Avatar Of Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel