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Home Video Jharkhand Election 2024: टाइगर जयराम की हुंकार, JMM-AJSU से आर या पार? देखें वीडियो

Jharkhand Election 2024: टाइगर जयराम की हुंकार, JMM-AJSU से आर या पार? देखें वीडियो

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Jharkhand Election 2024: टाइगर जयराम की हुंकार, JMM-AJSU से आर या पार? देखें वीडियो
Jharkhand Assembly Election 2024: टाइगर जयराम की हुंकार, JMM-AJSU से आर या पार?
Jharkhand Assembly Election 2024: झारखंड की सबसे उंची चोटी, जैनियों के सबसे पवित्र स्थल सम्मेद शिखर, संथाल आदिवासियों के सबसे सर्वोच्च देवता मरांग बुरु जहां विराजते हैं, उस पारसनाथ की तलहटी के गांव, गलियों और कस्बे में इन दिनों कुछ अलग हलचल है. पारसनाथ के जंगलों की खमोशी झारखंड विधानसभा चुनाव का सबसे हॉट सीट डुमरी ने तोड़ रखी है. उग्रवाद का दंश झेल चुका यह क्षेत्र विकास के पायदान में पीछे छूटता रहा. हर चुनाव विकास के सपने लेकर आता रहा. खैर वर्तमान विधानसभा चुनाव में डुमरी के त्रिकोणिय संघर्ष ने रोमांच बढ़ा दिया है. एक नये चेहरे जयराम महतो ने चुनावी दस्तक दी है, तो झामुमो नेता स्वर्गीय जगरनाथ महतो की पत्नी बेबी देवी सहानुभूति और आंसूओं के साथ मैदान में है. आजसू की यशोदा देवी इसबार भी अपनी जगह बनाने के लिए पूरा जोर लगा रही हैं. दिलचस्प चुनावी जंग देख रहा आज के डुमरी ने पहले भी अपने राजनीतिक इतिहास में कई रंगों से भरा है. 1967 में रामगढ़ राजपरिवार की मंजरी देवी की जीत से शुरू हुई इसकी चुनावी यात्रा में 1972 में कांग्रेस के मुरली भगत जीते. उसके बाद किसी चुनाव में कांग्रेस यहां नहीं लौट पायी. 1980 में झामुमो ने इस सीट पर शिवा महतो के सहारे इंट्री मारी. फिर डुमरी ने कई राजनीतिक उतार चढ़ाव देखे, नेताओं ने दल बदले, तो डुमरी ने चेहरा बदलने का जनादेश दिया. 1975 में पहली बार चुनाव जीतने वाले लालचंद महतो इस सीट से तीन बार विधायक बने. राज्य गठन के बाद इस क्षेत्र में लालचंद की जमीन खिसक गयी और क्षेत्र में टाइगर के नाम से जाने वाले स्व जगरनाथ महतो ने पारसनाथ की इस तलहटी में अपना राजनीतिक प्रभुत्व जमा लिया. राज्य गठन के बाद हर चुनाव में स्व जगरनाथ महतो की फतह हुई.डुमरी के इन पत्थरीले रास्ते होते हुए राजनीति आज एक नये मोड़ पर खड़ी हो गयी है.
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