प्रभात खबर आंदोलन से निकला मीडिया संस्थान है. प्रभात खबर की टैग लाइन ‘अखबार नहीं आंदोलन’ असल में इसके पाठकों और दर्शकों की ओर से दी गई उपाधि है. प्रभात खबर सदैव जन-सरोकारों को प्रमुखता से उठाता रहा है.
जब आवश्यक था, तब इसने बिहार से अलग झारखंड राज्य बनाने की लड़ाई लड़ी. राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी. समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी. अब बारी है, उस लड़ाई को लड़ने की जिसने पूरे देश की सामाजिक समरसता को बिगाड़ दिया है. एक इंसान का दूसरे इंसान से भरोसा हटा दिया है. इसका नाम है साइबर क्राइम.
इसलिए प्रभात खबर ने 2025 पूरे साल साइबर अपराध के खिलाफ जन आंदोलन करेगा. इसकी शुरुआत 29 जनवरी 2025 को बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल समेत भारत के प्रमुख राज्यों के करीब 70 जिलों में एक साथ हुए कार्यक्रमों की गई. इस अभियान में साइबर सिक्योरिटी, पुलिस महकमा समेत आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है.