[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Badi Khabar Budget 2023 : बजट भाषण सुनने से पहले समझिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर के बीच का अंतर

Budget 2023 : बजट भाषण सुनने से पहले समझिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर के बीच का अंतर

0
Budget 2023 : बजट भाषण सुनने से पहले समझिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर के बीच का अंतर

नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी को भारतीय संसद के निचले सदन लोकसभा में केंद्रीय बजट 2023 पेश करेंगी. चुनावी साल से पहले के पूर्ण बजट से देश के लोगों को काफी सारी उम्मीदें हैं. किसी को टैक्स छूट के लाभ का दायरा बढ़ने की उम्मीद है, तो किसी को महंगाई कम होने की. कई लोग यह भी सोच रहे होंगे कि बजट पेश होने के बाद देश के आयकर कानूनों में बदलाव किया जा सकता है. मीडिया और विभिन्न मंचों पर चर्चा-परिचर्चाओं का दौर जारी है. इन चर्चा-परिचर्चाओं के बीच सबसे अधिक जिस विषय पर चर्चा होती है, वह टैक्स यानी कर है.

चर्चाओं में सबसे अधिक जिन दो शब्दों का उल्लेख किया जाता है, वे ‘प्रत्यक्ष कर’ यानी डायरेक्ट टैक्स और ‘अप्रत्यक्ष कर’ यानी इनडायरेक्ट टैक्स हैं. महत्वपूर्ण यह है कि इन दोनों शब्दों का इस्तेमाल खूब होता है, लेकिन क्या सही मायने में भारत की आम जनता इन दोनों शब्दों के अर्थ और अंतरों के बारे में जानती है? क्या वह यह जानती है कि इन दोनों में से कौन सा शब्द भारत में व्यक्तियों को और कौन सा व्यवसायों या व्यवसायियों को प्रभावित करती है? इन दोनों सवाल का जवाब नहीं में ही होगा, तो आइए जानकारी के लिए समझते हैं प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर के बीच का अंतर…

प्रत्यक्ष कर क्या है

अर्थशास्त्र के दृष्टिकोण से समझें, तो जो कर प्रत्यक्ष तरीके से सरकार को भुगतान करने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति या संस्था द्वारा भुगतान किए जाते हैं, प्रत्यक्ष कर कहलाते हैं. इन करों में आयकर, संपत्ति कर और कॉर्पोरेट कर शामिल हैं. प्रत्यक्ष कर व्यक्ति या संस्था की आय और संपत्ति पर आधारित होते हैं और भुगतान की गई कर की राशि आय या अर्जित धन के सीधे आनुपातिक होती है. जैसे, उच्च आय वाला व्यक्ति कम आय वाले व्यक्ति की तुलना में अधिक आयकर का भुगतान करेगा.

अप्रत्यक्ष कर किसे कहते हैं

जिस कर का भुगतान अप्रत्यक्ष तरीके से उपभोक्ता या अंतिम अंतिम उपयोगकर्ता द्वारा किया जाता है, उसे अप्रत्यक्ष कर कहते हैं. ऐसे करों में मूल्य वर्धित कर (वैट), वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और उत्पाद शुल्क शामिल होते हैं. आम तौर पर अप्रत्यक्ष कर वस्तुओं और सेवाओं की कीमत में जोड़े जाते हैं और उपभोक्ता खरीदारी करते समय इस प्रकार के अप्रत्यक्ष करों का भुगतान करते हैं. जैसे, कोई उत्पाद खरीदते समय कोई उपभोक्ता उसके आधार मूल्य के ऊपर जीएसटी का भुगतान करता है.

Also Read: Union Budget 2023 : इस साल के बजट में सब्सिडी को घटा सकती है सरकार, पूंजीगत व्यय बढ़ाने की उम्मीद
प्रत्यक्ष कर और अप्रत्यक्ष कर का मानक

प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों के बीच प्रमुख अंतरों में से एक यह है कि प्रत्यक्ष करों को प्रगतिशील माना जाता है. इसका कारण यह है कि वे उन लोगों से आय का बड़ा प्रतिशत लेते हैं, जो अधिक भुगतान कर सकते हैं. वहीं, अप्रत्यक्ष करों को प्रतिगामी माना जाता है, क्योंकि वे उन लोगों से आय का बड़ा प्रतिशत लेते हैं, जो कम भुगतान कर सकते हैं.

Previous article Budget 2023 : अब सबको ‘सब्सिडी’ नहीं बांटेगी सरकार, अपना खर्च बढ़ाएगी!
Next article गणतंत्र दिवस की झांकियों में जनजातीय मंत्रालय की झांकी को प्रथम स्थान, अर्जुन मुंडा ने कही ये बात
Avatar Of Kumarvishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel