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मायं-माटी : टुसु थापना ले पुस पिठाक उचरेइन हेइक

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मायं-माटी : टुसु थापना ले पुस पिठाक उचरेइन हेइक

संसकिरिति बिना मानुस बाचे निं पारेइ. संसकिरिति नेगाचारिक जिबनेएक अना सेइलि हेकेइक. जनटा कुड़मि जाइतेक पुस परअबेक गुड़ पिठाक संगे जुड़ल आहेइक. आगहन साकराइत माने 14 बा 15 दिसमबर छुटु मकर ले पिठा बनाएक उचरेन हेइक. छुटु मकर दिने टुसु थापना करिके लाउ चकलि,सिम चकलि आरअ हेन – थेन घारेक साग – पातेइक छिलका पिठा बनाइ के मकर पिठाक जनम करहत. आगहन साकराइत टाकेइ जाइगाक अनुजाञ छुटु मकर कहल जाइएक.

पुस पिठाक अना बिसेस संसकिरिति महत आहेइक. गुड़ पिठाक संगे – संगे आरअ नाना धरनऐक पिठाक पुस परअबे चलन आहेइक.

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“पुस पिठा बेजाञ मिठा” इटा कनअ गड़न काथा निंहि. पुस परअबे आबगा गुड़ेक पिठा बनेइ. आबगा गुड़ेक पिठा जतेक बासि हेइक अतेइक गुड़िआ बाड़ेइक. पुस परअबे गुड़ पिठा एकमास धरि खात. पुस परअबे इ पिठा टाके आड़सा पिठाउ कहल जाइएक. कुड़मि जाइतकर गुड़ पिठाइ अना बिसेस चिनहाप आहेइक. मकरेक आगु दिने कुड़मि जनजातिक नेगाचारि अनुजाञ बाउड़ि परब माना जाइएक . बाउड़िक राइतें डिबु पिठा ,गुड़ पिठा बनाएक आर बाउड़ि बांधाक दसतुर आहेक. आरअ अना बिराट दसतुर आहेक डिंबु पिठाक. बिना तेले, पानिए सिझाइकुन गुड़ि आर गुड़ तिलेक पिठा बनाल जाइएक. इ पिठाटाके डिंबु पिठा कहा जाइएक. इ पिठाटाके दमे भालअ मानाल जाइएक .बाउड़ि दिनले डिंबु पिठा गड़ेक उचरेन करहत आर सिझानु परब तड़िक बनाउहत. बाउड़ि दिने जदि काकरअ घारे कनअ मानुस बा गरू, छागेइर मरिजात हेले अकर घारे डिंबु पिठा अतना दिन तड़िक नि बनाउत जतना दिन अकर घारे कनअ मानुस छउआ बा गरू-बाछुरेक जनम नि हेइएक. बाउड़ि दिने माच-भात खाइएक दसतुर आहेक . डिंबु पिठा बेसि दिन तड़िक बासि नि चलेहेइक, मेनतुक बाउड़ि दिनेएक छांका गुड़ पिठा अना मास धरि खात. अना मासेएक बादउ पिठाक मिठा जेसन के तेसनेइ रहेइ.

मकर परब टाके मांस पिठाक परब हामरा कहे पारिह. मकर परबे नेग दसतुर बेजाञ कम आहेइक, मेनतुक खाउन-दाउन आर नाच डेग टा बेजाञ बेसि हेइएक.

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मकर सिनानेक बेराञ घारेक पुरखानि लक गिलाक नामे नदि बा बांधेक पानिञ पिठा भासाइ देहथिन. पिठा भासानेक बादे आरअ घारेक दसर लके खाहत .सिनान घाटेक आइसे-पासे बेजाञ गरिब-दुखि लक लुगा बिछाइकुन छांदाहत. गरिब दुखि के गुड़ पिठा, टाका-पइसा आर चाउर दान करहत. सिनानघाटे सिमइल काठ जराइकुन धंधअरा करहत. एहे टाके अघिरा कहत. सिनानेक बादे सिमइल काठेक खार बानिक टिका लागाउहत. इ टिका टाके बेजाञ भालअ माना गेल आहेक. टिका लागाएक बादे गुड़ पिठा खाएक दसतुर आहेइक.

मीना महतो, जंगल कोठी, गोमो, धनबाद

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