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Home Religion Aarti Chalisa Shri Ganesh Chalisa: बुधवार को करें गणेश चालीसा का पाठ, गणपति बप्पा पूरी करेंगे हर मनोकामना

Shri Ganesh Chalisa: बुधवार को करें गणेश चालीसा का पाठ, गणपति बप्पा पूरी करेंगे हर मनोकामना

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Shri Ganesh Chalisa: बुधवार को करें गणेश चालीसा का पाठ, गणपति बप्पा पूरी करेंगे हर मनोकामना

दोहा

जय गणपति सदगुणसदन, कविवर बदन कृपाल.

विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥

चौपाई

जय जय जय गणपति गणराजू. मंगल भरण करण शुभ काजू॥

जय गजबदन सदन सुखदाता. विश्व विनायक बुद्घि विधाता॥

वक्र तुण्ड शुचि शुण्ड सुहावन. तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन॥

राजत मणि मुक्तन उर माला. स्वर्ण मुकुट शिर नयन विशाला॥

पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं. मोदक भोग सुगन्धित फूलं॥

सुन्दर पीताम्बर तन साजित. चरण पादुका मुनि मन राजित॥

धनि शिवसुवन षडानन भ्राता. गौरी ललन विश्व-विख्याता॥

ऋद्घि-सिद्घि तव चंवर सुधारे. मूषक वाहन सोहत द्घारे॥

कहौ जन्म शुभ-कथा तुम्हारी. अति शुचि पावन मंगलकारी॥

एक समय गिरिराज कुमारी. पुत्र हेतु तप कीन्हो भारी॥

भयो यज्ञ जब पूर्ण अनूपा. तब पहुंच्यो तुम धरि द्घिज रुपा॥

अतिथि जानि कै गौरि सुखारी. बहुविधि सेवा करी तुम्हारी॥

अति प्रसन्न है तुम वर दीन्हा. मातु पुत्र हित जो तप कीन्हा॥

मिलहि पुत्र तुहि, बुद्धि विशाला. बिना गर्भ धारण, यहि काला॥

गणनायक, गुण ज्ञान निधाना. पूजित प्रथम, रुप भगवाना॥

अस कहि अन्तर्धान रुप है. पलना पर बालक स्वरुप है॥

बनि शिशु, रुदन जबहिं तुम ठाना. लखि मुख सुख नहिं गौरि समाना॥

सकल मगन, सुखमंगल गावहिं. नभ ते सुरन, सुमन वर्षावहिं॥

शम्भु, उमा, बहु दान लुटावहिं. सुर मुनिजन, सुत देखन आवहिं॥

लखि अति आनन्द मंगल साजा. देखन भी आये शनि राजा॥

निज अवगुण गुनि शनि मन माहीं. बालक, देखन चाहत नाहीं॥

गिरिजा कछु मन भेद बढ़ायो. उत्सव मोर, न शनि तुहि भायो॥

कहन लगे शनि, मन सकुचाई. का करिहौ, शिशु मोहि दिखाई॥

नहिं विश्वास, उमा उर भयऊ. शनि सों बालक देखन कहाऊ॥

पडतहिं, शनि दृग कोण प्रकाशा. बालक सिर उड़ि गयो अकाशा॥

गिरिजा गिरीं विकल हुए धरणी. सो दुख दशा गयो नहीं वरणी॥

हाहाकार मच्यो कैलाशा. शनि कीन्हो लखि सुत को नाशा॥

तुरत गरुड़ चढ़ि विष्णु सिधायो. काटि चक्र सो गज शिर लाये॥

बालक के धड़ ऊपर धारयो. प्राण, मंत्र पढ़ि शंकर डारयो॥

नाम गणेश शम्भु तब कीन्हे. प्रथम पूज्य बुद्घि निधि, वन दीन्हे॥

बुद्धि परीक्षा जब शिव कीन्हा. पृथ्वी कर प्रदक्षिणा लीन्हा॥

चले षडानन, भरमि भुलाई. रचे बैठ तुम बुद्घि उपाई॥

धनि गणेश कहि शिव हिय हरषे. नभ ते सुरन सुमन बहु बरसे॥

चरण मातु-पितु के धर लीन्हें. तिनके सात प्रदक्षिण कीन्हें॥

तुम्हरी महिमा बुद्ध‍ि बड़ाई. शेष सहसमुख सके न गाई॥

मैं मतिहीन मलीन दुखारी. करहुं कौन विधि विनय तुम्हारी॥

भजत रामसुन्दर प्रभुदासा. जग प्रयाग, ककरा, दुर्वासा॥

अब प्रभु दया दीन पर कीजै. अपनी भक्ति शक्ति कछु दीजै॥

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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