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Home Badi Khabar Sawan Somwar 2023: रवियोग के सुयोग में सावन की पांचवीं सोमवारी आज, जानें शिव उपासना के लिए शुभ समय-पूजा विधि

Sawan Somwar 2023: रवियोग के सुयोग में सावन की पांचवीं सोमवारी आज, जानें शिव उपासना के लिए शुभ समय-पूजा विधि

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Sawan Somwar 2023: रवियोग के सुयोग में सावन की पांचवीं सोमवारी आज, जानें शिव उपासना के लिए शुभ समय-पूजा विधि

Sawan Somwar 2023: आज सावन मास का पांचवां सोमवार है. भगवान शिव को समर्पित श्रावण मास 31 अगस्त तक रहेगा. इस मास में भगवान भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, पार्थिव पूजन, महामृत्युंजय जाप, शिव महापुराण का पाठ, कांवर यात्रा आदि कर रहे हैं. महादेव की कृपा पाने के लिए सोमवार का व्रत सबसे अधिक फलदायी माना जाता है. द्वीमासीय सावन का पांचवां और पुरुषोत्तम मास का तीसरा सोमवार व्रत सोमवार को मनाया जायेगा. आइए जानते है ज्योतिषाचार्य मुदिता राज से पूजा करने का सही समय और विधि…

मंदिरों में शिव भक्तों की लगी भीड़

सावन मास का पांचवां सोमवार को लेकर मंदिरों एवं शिवालयों में विशेष तैयारियां की गयी है. कई प्रकार के रंगीन बल्ब एवं फूलमालाओं से सजाया गया है. पूरे दिन जलार्पण के बाद संध्या काल में विशेष शृंगार पूजन होगा. ज्योतिषाचार्य मुदिता राज ने बताया कि पंचांगों के हवाले से बताया कि पुरुषोत्तम मास के तहत सावन कृष्ण सप्तमी को रेवती नक्षत्र एवं रवियोग के सुयोग में पांचवीं सोमवारी मनायी जायेगी. रवियोग में उमा-महेश्वर की पूजा-आराधना करने से मान-सम्मान में वृद्धि, आर्थिक लाभ, अनिष्ट ग्रहों की शांति तथा कुंवारों को सुयोग्य जीवनसाथी प्राप्त होता है.

सावन मास का पांचवा सोमवार आज

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, अधिक मास की वजह से इस बार सावन का महीना 59 दिनों का है. इस माह में कुल 8 सोमवार पड़ रहे हैं. इस बार सावन के सभी सोमवार बहुत खास माने जा रहे हैं, क्योंकि सावन के सभी सोमवार पर एक से बढ़कर एक खास संयोग बन रहे हैं. अब तक सावन के 4 सोमवार बीत चुके हैं और पांचवा सोमवार 07 अगस्त आज है. सावन के पांचवे सोमवार पर रवि योग बन रहा है, जो सुबह से लेकर रात तक रहेगा. लेकिन इस दिन सुबह से ही भद्रा भी लग रही है, जो शाम तक रहेगी.

शिव उपासना के लिए शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त : दोपहर 11:29 बजे से 12:22 बजे तक

अमृत मुहूर्त : प्रातः 05:20 बजे से 06 :59 बजे तक

शुभ योग मुहूर्त : सुबह 08:38 बजे से 10:16 बजे तक

चर-लाभ-अमृत मुहूर्त : दोपहर 01:34 बजे से शाम 06 :30 बजे तक

प्रदोष काल मुहूर्त : शाम 05:30 बजे से 07:52 बजे तक

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पांचवां सावन सोमवार पर शुभ योग

सावन के पांचवें सोमवार पर रवि योग और शूल योग बन रहा है. रवि योग में शुभ कार्य, पूजा आदि करने से मान-सम्मान में बढ़ोतरी और धन में वृद्धि होती है.

रवि योग – सुबह 05 बजकर 46 मिनट से अगले दिन प्रात: 01 बजकर 16 मिनट तक

शूल योग – 06 को अगस्त 2023, रात 08 बजकर 27 मिनट से 07 अगस्त को शाम 06 बजकर 17 मिनट तक

भद्रा और राहुकाल

सावन के पांचवें सोमवार पर राहु काल सुबह 07 बजकर 26 मिनट से सुबह 09 बजकर 06 मिनट तक है. वहीं भद्रा का समय सुबह 05 बजकर 46 मिनट से शाम 04 बजकर 41 मिनट तक है.

सावन सोमवार पूजा विधि (Sawan Somwar Puja vidhi)

आज सावन मास का पांचवां सोमवार है. इस दिन सुबह स्नान के बाद व्रत का संकल्प लें और भगवान शिव जी की षोडोपचार विधि से पूजा करें. शाम को प्रदोष काल मुहूर्त में घर या मंदिर में शिवलिंग का अभिषेक करें. शिव जी को बेलपत्र, भांग, धतूरा, शमी के पत्ते, गाय का दूध, गंगाजल, भस्म, अक्षत्, फूल, फल, नैवेद्य आदि चढ़ाएं. सावन सोमवार व्रत कथा का पाठ करते हैं. शिव चालीसा, शिव रक्षा स्तोत्र पढ़ते हैं. शिव मंत्रों का जाप करें. आरती करें और जरुरतमंदों को वस्त्र, अनाज, तिल, गुड़, चांदी, रुद्राक्ष आदि का दान करें.

सावन सोमवार पूजा सामग्री (Sawan Somwar Samagri)

सावन सोमवार के दिन शिव पूजा के लिए कच्चा दूध, गंगाजल, दही, घी, शहद, भांग, धतूरा, शक्कर, केसर, चंदन, बेलपत्र, अक्षत, भस्म, रुद्राक्ष, शमी पत्र, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, फल, कपूर, धूप, दीप, शिव के प्रिय फूल (हरसिंगार, आक, कनेर), इत्र, पंचमेवा, काला तिल, सोमवार व्रत कथा पुस्तक.

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