[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Badi Khabar राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता

राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता

0
राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता

विदेश मंत्री एस जयशंकर मोदी सरकार की विदेश नीति को बेबाकी और साफगोई से बयान करने के लिए मशहूर हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विश्व दृष्टि को नीतिगत रूप देने में केंद्रीय भूमिका निभायी है. बदलती विश्व व्यवस्था में एक ओर जहां खेमेबाजी बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर विकासशील देशों के नेतृत्व के रूप में भारत की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती जा रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए विश्व को बहुध्रुवीय बनाने तथा व्यापक सहकार बढ़ाने पर हमेशा जोर दिया है. इस संदर्भ में जयशंकर का यह कहना अहम हो जाता है कि वैश्विक संबंधों के लिए नियम और उनका समुचित अनुपालन आवश्यक है. भले ही कोई कदम ऐसा लगे कि यह नैतिकता के मानदंडों के अनुरूप नहीं है, पर उसे व्यापक परिदृश्य में देखा जाना चाहिए. रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत ने रूस से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की खरीद की और ऐसा करते हुए पश्चिमी देशों की आलोचना एवं उनके दबाव की परवाह नहीं की गयी. इसकी वजह यह थी कि हमें कच्चा तेल सस्ती दरों पर मिल रहा था. उस समय जयशंकर ने कहा था कि भारत साल भर में जितना तेल रूस से खरीद रहा है, उतना तो यूरोप एक दोपहर में खरीद लेता है. वे यह भी कह चुके हैं कि यूक्रेन संकट के लिए नाटो खेमे की नीतियां जिम्मेदार हैं. दशकों से रूस से सामरिक और आर्थिक संबंधों के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन के सामने कहा था कि यह दौर युद्ध का नहीं है और तनावों का समाधान कूटनीति से होना चाहिए. जल्दी ही पश्चिमी देशों को यह समझ में आ गया कि भारत अपने हितों को ध्यान में रखकर तेल की खरीद कर रहा है.

इसी दौरान क्वाड समूह में भी भारत की सक्रियता बढ़ी है, जिसमें अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया भी सदस्य हैं. हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करना भारत की सामुद्रिक नीति का अहम हिस्सा है. क्वाड को लेकर भारत ने अनेक विश्लेषकों की इस चिंता को भी दरकिनार किया है कि इस समूह की सक्रियता से चीन और रूस नाराज हो सकते हैं. भारत ब्रिक्स समूह का भी प्रमुख सदस्य है, जिसमें चीन और रूस का प्रभाव भी है. अब उसमें पांच नये देश जुड़े हैं, जिनमें ईरान भी है. पश्चिम से उसके संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण हैं. विभिन्न मसलों पर भारत ग्लोबल साउथ का मुख्य प्रवक्ता बनकर उभरा है. इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि भारत की दिलचस्पी किसी एक खेमे से जुड़ने में नहीं है और वह समूचे विश्व के साझा विकास का पैरोकार है. जयशंकर की यह बात उचित है कि भारतीय नीति को उसके सभी आयामों को ध्यान में रखकर परखा जाना चाहिए.

Previous article क्रिप्टो से ठगी का बढ़ता दायरा
Next article रांची : अपर बाजार में बिजली का एलटी पोल गिरा, बड़ा हादसा टला
Avatar Of Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel