[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Badi Khabar कार्यपालक अभियंता को नहीं है जानकारी, किस विभाग से मिलेगी सड़क काटने की अनुमति

कार्यपालक अभियंता को नहीं है जानकारी, किस विभाग से मिलेगी सड़क काटने की अनुमति

0
कार्यपालक अभियंता को नहीं है जानकारी, किस विभाग से मिलेगी सड़क काटने की अनुमति

रांची : पेयजल स्वच्छता प्रमंडल चतरा के कार्यपालक अभियंता को इस बात की जानकारी नहीं है कि सड़क काटने की अनुमति कौन देगा. जानकारी के अभाव में वह पिछले दो साल से झारखंड स्टेट हाइवे अथॉरिटी के मेंबर टेक्निकल को पत्र लिख कर सड़क काटने की अनुमति मांग रहे हैं. जबकि अनुमति देने के लिए सक्षम अधिकारी अथॉरिटी के मुख्य अभियंता (यातायात) हैं. मेंबर टेक्निकल अनुमति देने के लिए अधिकृत नहीं होने की वजह से सड़क काटने की अनुमति नहीं दे रहे हैं. नतीजे में मरम्मत की मांग को लेकर स्थानीय लोग दो साल से परेशान हैं और पानी सड़क पर बह रहा है.

चतरा-चौपारण स्टेट हाइवे में लकलकवा साथ मंदिर के पास पाइप लाइन में लीकेज की वजह से पिछले दो साल से पानी बह रहा है. लीकेज की वजह से करीब 400-500 मीटर तक पानी बहता है. स्थानीय नागरिकों ने पेयजल स्वच्छता प्रमंडल को आवेदन देकर पाइपलाइन की मरम्मत की मांग की.

कार्यपालक अभियंता से जांच के बाद पाया कि मरम्मत के लिए सड़क काटने की जरूरत होगी. इसलिए उन्होंने स्टेट हाइवे ऑथरिटी को पत्र लिख कर अनापत्ति मांगी, ताकि पाइपलाइन की मरम्मत की जा सके. कार्यपालक अभियंता ने जुलाई 2018 से लेकर अगस्त 2019 तक की अवधि में तीन बार पत्र लिख कर स्टेट हाइवे अथॉरिटी से अनुमति मांगी. हालांकि अनुमति नहीं मिली. इसके बाद परेशान नागरिकों ने पाइप लाइन की मरम्मत की मांग को लेकर मुख्यमंत्री जन संवाद का रुख किया. नागरिकों की शिकायत पर जन संवाद में पेयजल के अधिकारियों से जानकारी मांगी गयी.

अधिकारियों की ओर से यह जवाब दिया गया कि मरम्मत के लिए सड़क काटने की जरूरत है. सड़क काटने के लिए स्टेट हाइवे अथॉरिटी से सड़क काटने की अनुमति मांगी गयी है. अनुमति मिलते ही पाइपलाइन की मरम्मत कर दी जायेगी. इस जवाब से मुख्यमंत्री जन संवाद के अधिकारी संतुष्ट हो गये. जन संवाद में मामला उठाने के बाद भी पाइपलाइन मरम्मत नहीं होने के बाद स्थानीय नागरिक से झारखंड स्टेट हाइवे अथॉरिटी में सूचना अधिकार के तहत आवेदन देकर सड़क काटने की अनुमति नहीं देने कारण जानना चाहा.

जवाब में स्टेट हाइवे अथॉरिटी की ओर से यह कहा गया है विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत सड़क काटने की अनुमति के लिए सिंगल विंडो सिस्टम पर ही आवेदन देना है. सड़क काटने की अनुमति देने के लिए सक्षम अधिकारी मुख्य अभियंता(यातायात) हैं. जबकि पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल चतरा के कार्यपालक अभियंता द्वारा स्टेट हाइवे अथॉरिटी के मेंबर टेक्निकल से सड़क काटने की अनुमति मांगी जा रही है.

Previous article कोरोना से मिलकर लड़ेंगे दक्षेस देश,भारत देगा एक करोड़ डॉलर
Next article सरकारी प्रक्रिया में विलंब के कारण झारखंड में कम हुई धान खरीदारी
Avatar Of Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel