[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Badi Khabar Dhanteras 2023: धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरी का हुआ था अवतरण, शास्त्रों में है इसका व्यापक महत्व

Dhanteras 2023: धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरी का हुआ था अवतरण, शास्त्रों में है इसका व्यापक महत्व

0
Dhanteras 2023: धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरी का हुआ था अवतरण, शास्त्रों में है इसका व्यापक महत्व

Dhanteras 2023: शुक्रवार 10 नवंबर से धनतेरस के साथ पंच दिवसीय दीप महोत्सव का शुभारंभ हो रहा है. धनतेरस और दीपावली की खरीदारी लेकर बाजार में चहल-पहल देखी जा रही है. शास्त्रों में धनतेरस का व्यापक महत्व है. धनतेरस के दिन ही समुद्र मंथन के द्वारा आयुर्वेद के पिता भगवान धनवंतरी प्रकट हुए थे, इसलिए धनतेरस के रूप में भगवान धनवंतरी का प्राकट्योत्सव मनाया जाता है. आयुर्वेद भगवान धनवंतरी की ही देन है. वहीं, भौतिक जीवन में भी धनतेरस का विशेष महत्व है. इस दिन श्रद्धालु अपने सामर्थ्य अनुसार बरतन, धातू, सोना-चांदी एवं हीरे के आभूषण,लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, झाडू, इलेक्ट्रॉनिक सामान, बाइक व अन्य प्रकार के वाहन व वस्तुओं की खरीदारी करते हैं. इस बार धनतेरस शुक्रवार को है, इसलिए इस दिन सफेद और लाल रंग से युक्त वस्तुओं की खरीदारी करना सबसे बेहतर होगा. मान्यता है कि इस दिन घर में उपयोग आने वाले आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी करने से जीवन में धन-धान्य, सुख-समृद्धि और लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है.

Also Read: Dhanteras 2023 Live : धनतेरस पर दो घंटे ही पूजा का शुभ मुहूर्त, जानें पूजा विधि और धन वृद्धि के लिए उपाय

शनिवार को छोटी दीपावली और हनुमंत जयंती

11 नवंबर, शनिवार को छोटी दीपावली यानी यम दिवाली और बल, बुद्धि, विद्या के दाता भगवान हनुमंत की जयंती मनायी जाएगी. शास्त्रों के अनुसार, भगवान हनुमान का प्राकट्य इसी दिन हुआ था, इसलिए इस दिन भक्त हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए उनकी पूजा-आराधना और भजन-कीर्तन करेंगे.

12 नवंबर, रविवार को मनायी जाएगी दीपावली

12 नवंबर, रविवार को दीपोत्सव का त्योहार दीपावली मनाया जाएगा. उदया तिथि में चतुर्दशी है. दोपहर 2.30 बजे के बाद अगले दिन संध्या करीब 3.00 बजे तक अमावस्या है. दीपावली सायं काल में मनायी जाती है. अनिवार्यता यह है कि अमावस्या तिथि होना चाहिए और रविवार को सायंकाल में अमावस्या तिथि है, इसलिए रविवार को ही दीपोत्सव का त्योहार दीपावली मनाया जाएगा. इस दिन लोग अपने घरों, घर के अंदर के मंदिर, द्वार, दरवाजा समेत पूरे आवासीय परिसर को रंग-बिरंगे रौशनियों, फूलों, दीपों एवं लड़ियों से सजाते हैं. सायंकाल में लक्ष्मी-गणेश की पूजा-उपासना और आवाहन करते हैं, ताकि लक्ष्मी की कृपा से जीवन में धन-धान्य, सुख-समृद्धि बनी रहे और भगवान गणेश की कृपा से सद्बुद्धि बनी रहे.

13 नवंबर, सोमवार को सोमवती अमावस्या

13, नवंबर, सोमवार को सोमवती अमावस्या का योग बन रहा है. धर्म के क्षेत्र में सोमवती अमावस्या का बहुत महत्व है. इस दिन धर्मानुरागी और श्रद्धालु गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान करते हैं. पीपल और बरगद के वृद्ध की पूजा करते हैं. भगवान श्रीनारायण की पूजा-आराधना करते हैं. महिलाएं सतित्व और सौभाग्य के लिए इस दिन व्रत रखती हैं.

Also Read: Dhanteras 2023 के दिन धन लक्ष्मी के साथ क्यों होती है यमराज की पूजा, जानें इस दिन क्यों किया जाता है दीपदान

14 नवंबर, मंगलवार को अन्नकुट और गोवर्धन पूजा

14 नवंबर को श्रद्धालु महिलाएं गोवर्धन पूजा और अन्नकुट का त्योहार मनाएंगी. इस दिन श्रद्धालु व धर्मानुरागी गौशालाओं में जाकर गौ-पूजा और गौ-सेवा करेंगे.

15 नवंबर, बुधवार को मनेगा भैयादूज

15 नवंबर, बुधवार को कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि है. इस दिन भाई-बहन के स्नेह और प्रेम का त्योहार भैया-दूज मनाया जाएगा. इस दिन बहनें अपने भाइयों का हाथ पूजकर और माथे पर तिलक लगाकर भाई की लंबी आयु और सुख-समृद्धि से भरे जीवन के लिए कामना करती हैं. भाइयों को अपने हाथों से तरह-तरह के पकवान बनाकर खिलाती हैं. भाई भी बहनों का सामर्थ्य अनुसार उपहार देते हैं और रक्षा का वचन देते हैं.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा

ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ

8080426594/9545290847

Previous article बिहार: विधानसभा में 75 फीसदी आरक्षण बिल पास, जीतन राम मांझी पर जानिए नीतीश कुमार क्यों नाराज हुए?
Next article ‘शाकिब अल हसन पर पत्थर फेंके जाएंगे’, टाइम आउट विवाद पर मैथ्यूज के भाई ने दे डाली ऐसी धमकी
Avatar Of Shaurya Punj
शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel