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करोड़ों खर्च, नतीजा सिफर : शुरू होने से पहले ही जर्जर हो गया राइस मिल

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करोड़ों खर्च, नतीजा सिफर : शुरू होने से पहले ही जर्जर हो गया राइस मिल

संजय प्रताप सिंह, सिकटी : ग्रामीण क्षेत्र में पैक्स व किसानों को आत्म निर्भर बनाने के लिए सहकारिता विभाग के माध्यम से लाखों की लागत से निर्मित मिनी राइस मिल सह गैसी फायर रख-रखाव के बिना जर्जर हालत में पहुंच गया है. इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है. प्रखंड क्षेत्र के अमगाछी पैक्स में लाखों खर्च कर बनाया गया मिनी राइस मिल सह गैसी फायर का वस्तुस्थिति खुद ही सब कुछ बयां कर रही है. देखा जाए तो वर्ष 2015 में अपने निर्माण के दिनों से ही अव्यवस्था का शिकार है. सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना से ग्रामीण क्षेत्र के किसानों से धान खरीदी कर चावल बनाने के बाद तैयार चावल को सरकार के गोदामों तक पहुंचाया जाना था.

मिनी राइस मिल का संचालन प्राथमिक कृषि साख सहयोग समिति के पैक्स अध्यक्ष व इनके सदस्यों द्वारा संचालित किया जाना था. लेकिन इसके कार्यरुप में आने से पूर्व ही यह रख राखव के अभाव में यह जीर्णशीर्ण अवस्था में पहुंच गया है. जबकि इस मिनी राइस मिल व इसके गोदाम निर्माण पर करोड़ों रुपये की राशि खर्च की गयी है. ग्रामीण क्षेत्र में विकास का मार्ग प्रशस्त होने से पूर्व ही आमगाछी पैक्स अध्यक्ष मथुरानंद मंडल की लापरवाही के कारण यह मिनी राइस मिल अंतिम सांसें गिन रहा है.

जानकारी अनुसार इस मिनी राइस मिल सह गैसी फायर की स्थापना समेकित सहकारी विकास परियोजना सह राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम नई दिल्ली द्वारा निबंधन संख्या 158/ ए के तहत सहकारिता विभाग द्वारा कराया गया था. इस परियोजना के संवेदक भी स्वयं पैक्स अध्यक्ष मथुरानंद मंडल ही थे.

नहीं हुआ है हंड ओवर गैसी फायर के रख रखाव का जिम्मा : पैक्स अध्यक्ष व गठित समिति के पास होता है, इसमें चाहरदीवारी नही होना भी एक कारण है. अभी राइस मिल कार्य रूप में नही है व विभाग को एनओसी भी नहीं दिया गया है.पंकज कुमार, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी

कोरोना महामारी से निजात पाने के लिए शंकरपुर में की गयी श्री सत्यनारायण व्रत पूजा : प्रखंड के शंकरपुर पंचायत बघुवा वार्ड संख्या 07 में कोविड 19 के संक्रमण से बचने के लिए श्री सत्यनारायण भगवान की पूजा अर्चना किया गया. विशेष कर यह पूजा अररिया जिला वासियों को कोरोना जैसी महामारी से बचाने के लिए किया गया है.

विद्वान पंड़ितों से मिले सुझाव के बाद कि सत्यनारायण भगवान रोग-ब्याधि को हर कर सुख शांति प्रदान करते हैं. इसलिए शंकरपुर पंचायत के लोगों के द्वारा श्री सत्यनारायण भगवान की पूजा कर व उपवास रख कर उनकी पूजा पूरे विधि-विधान से की गयी. पूजा के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नियम पूर्वक पालन किया गया. मौके पर मुखिया उमेश यादव, उप मुखिया सरोज सिंह, पूर्व उप मुखिया प्रमोद मेहता, नारायण सिंह, अंकित सिंह, बाबुल सिंह, नवनीत सिंह, लालू सिंह, गुड्डू सिंह व अन्य मौजूद थे.

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
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