[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Badi Khabar फर्जी लोन एप पर कार्रवाई

फर्जी लोन एप पर कार्रवाई

0
फर्जी लोन एप पर कार्रवाई

भारत सरकार ने सोशल मीडिया और इंटरनेट कंपनियों को कर्ज देने वाले फर्जी एप के विज्ञापनों को हटाने का निर्देश दिया है. हालांकि ये कंपनियां यह दावा करती रहती हैं कि वे अवैध और भ्रामक विज्ञापनों को रोकने के लिए प्रयासरत रहती हैं, पर सच यह है कि ऐसे विज्ञापन फेसबुक, इंस्टाग्राम, गूगल, एक्स जैसे बड़े प्लेटफॉर्मों पर धड़ल्ले से लगाये जाते हैं. इतना ही नहीं, वहां कई ऐसे एप भी प्रचारित होते हैं, जिनके बारे में सरकार पहले ही चेतावनी दे चुकी है. जब ऐसे मंचों पर अवैध एप और लिंक दिखते हैं, तो लोग उन पर भरोसा भी कर लेते हैं. मनमाने ब्याज पर बिना किसी नियमन के कर्ज देने का जाल व्यापक हो चुका है. कई ऐसे एप हैं, जो अधिकृत एप से मिलते-जुलते नाम रख कर लोगों को फांसते हैं. ये अवैध एप आम तौर पर पांच से पच्चीस हजार रुपये का कर्ज देते हैं. इनकी मासिक ब्याज दर बीस से तीस प्रतिशत होती है. ये शुल्क के नाम पर भी 15 प्रतिशत तक की उगाही करते हैं. पैसा देने के 15 दिन के बाद से वसूली शुरू कर दी जाती है. कई मामले ऐसे भी सामने आये हैं, जिनमें चार से छह दिन में ही रकम और ब्याज चुकाने की मांग होने लगी.

कुछ मामलों में तो बिना भुगतान के ही पैसा वापस मांगा गया था. इन फर्जी लोन एप के चंगुल में फंसकर कई लोग आत्महत्या करने पर मजबूर हुए हैं, तो कई परिवार तबाह हो चुके हैं. ये एप मूलधन और ब्याज से अधिक वसूली करते हैं. जब लोग इन अपराधियों की बात नहीं मानते, तो उनके साथ अभद्रता की जाती है, मार-पीट की धमकी दी जाती है. कई मामलों में कर्ज लेने वाले व्यक्ति और उसके परिवार की अश्लील तस्वीरें बनाकर ब्लैकमेल किया जाता है. इस साल सितंबर तक ऐसी ठगी के 46 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज करायी गयी थीं. एक आकलन के अनुसार देश में 700 से अधिक अवैध एप कर्ज देने के धंधे में हैं. इनमें से कुछ भारतीय हैं, पर अधिकतर का स्वामित्व चीन की कंपनियों के पास है, जो भारतीयों को काम पर रखकर अपना धंधा चलाते हैं. ऐसे चीनी एप दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका के देशों में भी सक्रिय हैं. सरकार ने कुछ एप प्रतिबंधित भी किया है, पर ये अलग नाम से फिर सक्रिय हो जाते हैं. इनके विज्ञापन पर रोक लगाने के लिए नियम बनाने पर भी विचार हो रहा है. अवैध कारोबार, ब्लैकमेलिंग और डाटा चोरी करने वाले ऐसे एप पर कड़ी कार्रवाई की दरकार है. पुलिस साइबर सेल को जरूरी संसाधन और प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए. लोगों को ऐसे फर्जीवाड़े से बचना चाहिए और इसकी सूचना तत्काल पुलिस को देनी चाहिए.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel