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Home Technology लैंडलाइन फोन के तार सीधे की बजाय घुमावदार क्यों होते थे? अच्छे-अच्छे लोग नहीं जानते वजह

लैंडलाइन फोन के तार सीधे की बजाय घुमावदार क्यों होते थे? अच्छे-अच्छे लोग नहीं जानते वजह

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लैंडलाइन फोन के तार सीधे की बजाय घुमावदार क्यों होते थे? अच्छे-अच्छे लोग नहीं जानते वजह
लैंडलाइन फोन (Photo: AI Generated)

Telephone Spiral Wire: आज के समय में अगर किसी बच्चे को पुराना लैंडलाइन फोन दिखा दिया जाए, तो शायद उसे लगे कि ये किसी म्यूजियम की चीज है. आखिर अब तो हर किसी के हाथ में स्मार्टफोन है. लेकिन एक समय ऐसा भी था जब घर-घर में तार वाले फोन हुआ करते थे और उनकी सबसे खास पहचान होती थी उनका घुमावदार यानी कॉइल्ड वायर (coiled wire).

वो स्प्रिंग जैसी लिपटी हुई तार सिर्फ देखने में अलग नहीं लगती थी, बल्कि उसके पीछे एक बेहद काम की सोच छिपी थी. लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि आखिर कंपनियां सीधे तार की बजाय ऐसे घुमावदार तार ही क्यों इस्तेमाल करती थीं? आइए आपको बताते हैं.

घुमावदार तार सिर्फ स्टाइल नहीं, एक स्मार्ट डिजाइन था

पुराने लैंडलाइन फोन में इस्तेमाल होने वाली घुमावदार तार फोन को एक अलग पहचान देती थी. लेकिन इसका असली फायदा इसकी फ्लेक्सिबिलिटी (flexibility) यानी लचीलापन था.

आप फोन उठाकर आराम से थोड़ा इधर-उधर घूम सकते थे, क्योंकि तार जरूरत के हिसाब से फैल जाता था और फिर वापस सिकुड़ भी जाता था. सीधे तार की तरह ये हर वक्त लंबा फैला नहीं रहता था, जिससे टेबल पर कम जगह घिरती थी और फोन बिखरा हुआ नहीं लगता था

उलझने और टूटने की परेशानी भी होती थी कम

अगर उस समय फोन में सीधी तार होती, तो वह जमीन पर घिसटती रहती. इससे न सिर्फ तार उलझने का खतरा रहता, बल्कि कोई उसके ऊपर पैर रखकर गिर भी सकता था. यही वजह थी कि फोन कंपनियों ने घुमावदार तार का इस्तेमाल शुरू किया.

इस स्प्रिंग जैसी डिजाइन का सबसे बड़ा फायदा ये था कि तार जरूरत पड़ने पर आसानी से फैल जाती थी और फिर वापस सिकुड़ भी जाती थी. इससे तार ना तो जमीन पर बिखरती थी और ना ही जल्दी उलझती थी. साथ ही, यह डिजाइन तार को टूटने, मुड़ने और घिसने से भी बचाती थी, जिससे लैंडलाइन फोन सालों तक आराम से चल जाता था. कई बार तो ये पुराने फोन आज के कुछ स्मार्टफोन्स से भी ज्यादा लंबा साथ निभा देते थे.

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अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.
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