[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Technology Apple और Meta की नजर Perplexity AI पर क्यों? जानिए इस AI स्टार्टअप में क्या है खास

Apple और Meta की नजर Perplexity AI पर क्यों? जानिए इस AI स्टार्टअप में क्या है खास

0
Apple और Meta की नजर Perplexity AI पर क्यों? जानिए इस AI स्टार्टअप में क्या है खास
perplexity ai meta ai deal

AI की दुनिया में हलचल तेज है. अब Apple और Meta जैसी दिग्गज टेक कंपनियां एक उभरते हुए AI स्टार्टअप Perplexity AI को खरीदने की दौड़ में हैं. आखिर इस स्टार्टअप में ऐसा क्या है जो दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों को आकर्षित कर रहा है? आइए विस्तार से जानते हैं.

क्या है Perplexity AI?

Perplexity AI एक उभरता हुआ AI-सर्च इंजन स्टार्टअप है, जिसकी स्थापना Aravind Srinivas ने की थी. यह प्लैटफॉर्म पारंपरिक सर्च इंजन से अलग है- यह यूजर के सवालों का जवाब सीधे और सटीक तरीके से देता है, वो भी भरोसेमंद स्रोतों के साथ. इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है, और यह हर महीने करोड़ों क्वेरीज को प्रॉसेस करता है.

Apple और Meta की दिलचस्पी क्यों?

1. Apple की रणनीति

Apple, जो अब तक AI रेस में थोड़ा पीछे माना जा रहा था, अब PerplexityAI को खरीदकर Siri और Safari जैसे अपने प्रॉडक्ट्स को AI से लैस करना चाहता है. इससे Apple को Google पर अपनी निर्भरता कम करने का मौका मिलेगा, खासकर अगर कोर्ट Google-Apple सर्च डील को रद्द कर दे.

2. Meta की चाल

Meta पहले ही Perplexity को खरीदने की कोशिश कर चुका है, लेकिन अब उसने ScaleAI में निवेश किया है. फिर भी, Perplexity की टेक्नोलॉजी Meta के AI विजन के लिए बेहद उपयोगी हो सकती है.

घर बैठे होना है मलामाल! ये 3 AI Tools से कर सकते हैं लाखों की कमाई, बस करना होगा इतना सा काम

क्या यह Apple की सबसे बड़ी डील होगी?

अगर Apple Perplexity को खरीदता है, तो यह कंपनी के इतिहास की सबसे बड़ी खरीद होगी. Perplexity की वैल्यूएशन करीब $14 बिलियन है, जो Apple की पिछली सबसे बड़ी डील (Beats, $3 बिलियन) से कहीं ज्यादा है.

क्या बदलेगा यूजर्स के लिए?

Siri और Safari में मिलेगा बेहतर AI अनुभव

iPhone और Mac यूजर्स को मिलेगा ChatGPT जैसा स्मार्ट सर्च

Apple का खुद का AI-सर्च इंजन हो सकता है लॉन्च

डील पर नजर रखना बेहद दिलचस्प

AI की दुनिया में यह डील गेम-चेंजर साबित हो सकती है. अगर Apple Perplexity को खरीदता है, तो यह न सिर्फ Siri को नया जीवन देगा, बल्कि Google के वर्चस्व को भी चुनौती देगा. वहीं Meta भी पीछे नहीं रहना चाहता. आने वाले हफ्तों में इस डील पर नजर रखना बेहद दिलचस्प होगा.

AI में भी है दिल! बबलू बंदर के व्लॉग्स में छिपा इमोशन और मजा, सोशल मीडिया पर मचा रहा धमाल

YouTube Shorts का नया AI जादू! एक लाइन लिखिए, शॉर्ट वीडियो पाइए

Previous article बाढ़ पूर्व तैयारी में जुटे सिंचाई विभाग के अभियंता
Next article मुहर्रम अंजुमन कमेटी शुक्र बाजार के खलीफा बने सफीक, रामप्रसाद संरक्षक
Avatar Of Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel