[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Technology अब बिना बैंक अकाउंट के भी बच्चे कर सकेंगे UPI पेमेंट, GPay लाया Pocket Money फीचर

अब बिना बैंक अकाउंट के भी बच्चे कर सकेंगे UPI पेमेंट, GPay लाया Pocket Money फीचर

0
अब बिना बैंक अकाउंट के भी बच्चे कर सकेंगे UPI पेमेंट, GPay लाया Pocket Money फीचर
गूगल पे (Photo: Forbes)

Google Pay ने ‘Pocket Money’ नाम का एक नया फीचर लॉन्च किया है. यह परिवारों के लिए डिजिटल पेमेंट को और आसान और स्मार्ट बना देता है. इस फीचर से माता-पिता सीधे अपने बच्चों या परिवार के सदस्यों को पैसे भेज सकते हैं. इसके लिए अलग बैंक अकाउंट की जरूरत नहीं होती. साथ ही, वे यह भी कंट्रोल कर सकते हैं कि पैसा कहां और कैसे खर्च हो. आइए आपको डिटेल में बताते हैं कि ये फीचर काम कैसे करता है और यूज करने से पहले आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

क्या है Google Pay का Pocket Money फीचर? 

Pocket Money दरअसल UPI Circle का हिस्सा है, जो पेमेंट को और भी आसान और कंट्रोल्ड बना देता है. इसमें एक Primary user (जैसे पैरेंट्स) अपने बैंक अकाउंट से किसी Secondary user (जैसे बच्चे) को खर्च करने की अनुमति दे सकते हैं.

आसान शब्दों में समझें तो अब बच्चे GPay से अपनी छोटी-मोटी जरूरतें का पेमेंट खुद कर सकते हैं, लेकिन पैसा पैरेंट्स के अकाउंट से ही कटेगा. लिमिट और कंट्रोल भी पूरी तरह पैरेंट्स के हाथ में ही रहेंगे.

कैसे काम करता है ये फीचर?

इस फीचर को इस्तेमाल करना काफी आसान है. सबसे पहले, पैरेंट्स के पास GPay से जुड़ा हुआ एक्टिव बैंक अकाउंट होना चाहिए. इसके बाद वो अपने बच्चों, परिवार के लोगों या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को Secondary user के तौर पर जोड़ सकते हैं. बता दें कि एक साथ अधिकतम 5 लोग ही ऐड हो सकते हैं.

बस ध्यान रखने वाली बात ये है कि जिसे जोड़ना है, उसके फोन में GPay ऐप इंस्टॉल और उसका नंबर रजिस्टर होना चाहिए. एक बार जुड़ने के बाद Secondary user आराम से UPI पेमेंट कर सकता है, लेकिन पैसा सीधे Primary user के बैंक अकाउंट से ही कटता है. यानी कंट्रोल पूरी तरह पैरेंट्स के हाथ में रहता है.

Pocket Money फीचर की कंट्रोल, लिमिट और सेफ्टी

Pocket Money फीचर की सबसे बड़ी खासियत है इसका पूरा कंट्रोल और फ्लेक्सिबिलिटी. पैरेंट्स अपने हिसाब से दो तरीके चुन सकते हैं. पहले ऑप्शन में आप हर महीने ₹15,000 तक की लिमिट सेट कर सकते हैं. इसके अंदर बच्चा बिना हर बार पूछे खुद पेमेंट कर सकता है. बिलकुल एक प्रीपेड अलाउंस की तरह.

दूसरे ऑप्शन में हर ट्रांजैक्शन पर आपकी मंजूरी जरूरी होती है. बच्चा पहले रिक्वेस्ट भेजेगा और आपकी अप्रूवल के बाद ही पेमेंट होगा. छोटे बच्चों के लिए ये ज्यादा सेफ रहता है.

साथ ही, सिक्योरिटी के लिए KYC वेरिफिकेशन भी जरूरी है. इसमें पैरेंट्स को अपना रिश्ता और सरकारी ID कन्फर्म करनी होती है. इससे सिस्टम ट्रांसपेरेंट रहता है और गलत इस्तेमाल के चांस भी कम हो जाती है.

Google Pay पर Pocket Money कैसे सेट करें?

  • सबसे पहले GPay ऐप खोलें.
  • प्रोफाइल सेक्शन में जाकर UPI Circle के अंदर Pocket Money सेट करने वाला ऑप्शन चुनें.
  • अब उस व्यक्ति को सिलेक्ट करें जिसे आप जोड़ना चाहते हैं.
  • इसके बाद उसका UPI Circle वाला QR कोड स्कैन करें.
  • अब अपनी जरूरत के हिसाब से सेटिंग चुनें. या तो मंथली लिमिट तय करें या हर पेमेंट पर अपनी मंजूरी रखें.
  • फिर अपनी और सेकेंडरी यूजर की डिटेल्स भरें. जैसे आप दोनों का रिश्ता और उसका आधार नंबर.
  • आखिर में अपना UPI PIN डालकर इनवाइट भेज दें.

यह भी पढ़ें: Google Maps से तुरंत ढूंढें अपने नजदीकी Aadhaar Centre, जानें आसान तरीका

Previous article मांग बढ़ने के बावजूद रामगढ़ में गैस आपूर्ति सामान्य, एजेंसियों ने किया आश्वस्त
Next article आंधी, बारिश और बर्फबारी, इन राज्यों में 10 से 12 अप्रैल तक बिगड़ा रहेगा मौसम, IMD का अलर्ट
Avatar Of Ankit Anand
अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel