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Home Technology Gadget Review Apple AirTag 2: डिजाइन वही, लेकिन तकनीक नयी; जानें क्या कुछ बदला

Apple AirTag 2: डिजाइन वही, लेकिन तकनीक नयी; जानें क्या कुछ बदला

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Apple AirTag 2: डिजाइन वही, लेकिन तकनीक नयी; जानें क्या कुछ बदला
AirTag 2 बनाम पुराना मॉडल: क्या अपग्रेड करना सही है? / Apple

अगर आप अक्सर अपनी चाबियां, बैग या बैकपैक कहीं रखकर भूल जाते हैं, तो ऐपल का एयरटैग आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं रहा होगा. लगभग पांच साल बाद कंपनी ने इसका दूसरा एडिशन AirTag 2 भारत में लॉन्च कर दिया है. देखने में यह पहले जैसा ही है, लेकिन अंदरूनी बदलाव इसे और स्मार्ट बना देते हैं.

भारत में कीमत और उपलब्धता

एयरटैग 2 भारत में अब ऐपल स्टोर, वेबसाइट और अमेजन पर उपलब्ध है. इसकी कीमत ₹3,790 (सिंगल पीस) और ₹12,900 (चार-पैक) रखी गई है. यानी अगर आप कई सामान ट्रैक करना चाहते हैं तो चार-पैक ज्यादा किफायती साबित होगा.

डिजाइन वही, लेकिन तकनीक नयी

डिजाइन में कोई बदलाव नहीं किया गया है. वही गोल आकार, वही साइज और वही CR2032 बैटरी जो एक साल तक चलती है. इसका मतलब है कि आपके पुराने एयरटैग एक्सेसरीज जैसे की-चेन और होल्डर अब भी काम करेंगे. असली फर्क इसके अंदर लगे नये Ultra Wideband चिप से आता है.

प्रिसीजन फाइंडिंग और बेहतर रेंज

नये चिप की वजह से अब एयरटैग 2 पहले से कहीं ज्यादा दूरी से डिटेक्ट हो जाता है. यानी खोई हुई चीज ढूंढते समय आपके iPhone पर दिशा दिखाने वाले तीर पहले ही दिखाई देने लगते हैं. यह फीचर खासकर भीड़भाड़ वाले इलाकों या घर के अंदर बहुत मददगार है.

स्पीकर अब और ज्यादा तेज

ऐपल का दावा है कि नया स्पीकर 50% ज्यादा तेज है. असल इस्तेमाल में यह और भी दमदार लगता है. चाहे एयरटैग सोफे के नीचे हो या बैग के अंदर, इसकी आवाज अब साफ सुनाई देती है. इससे खोई हुई चीज ढूंढना पहले से आसान हो गया है.

ऐपल वॉच सपोर्ट

अब नये मॉडल में ऐपल वॉच से सीधे एयरटैग ट्रैक करने का विकल्प भी है. हालांकि सेटिंग्स ढूंढने में थोड़ा समय लगता है, लेकिन एक बार सेटअप हो जाने पर यह फीचर बेहद सुविधाजनक है.

डेली यूज के लिए रिलायबल

एयरटैग 2 दिखने में भले ही पुराने जैसा लगे, लेकिन इसके अंदर किये गए सुधार इसे ज्यादा भरोसेमंद बनाते हैं. बेहतर रेंज और तेज आवाज इसे रोजमर्रा की जिंदगी में और उपयोगी बनाते हैं. अगर आप पहले से एयरटैग इस्तेमाल करते हैं, तो कम से कम एक नया मॉडल लेना समझदारी होगी. लेकिन अगर आपके पुराने एयरटैग ठीक काम कर रहे हैं और आप अक्सर चीजें नहीं खोते, तो अपग्रेड करना जरूरी नहीं है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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