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Power Off vs Restart: दोनों में क्या है फर्क? जानें कब क्या करना चाहिए?

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Power Off vs Restart: दोनों में क्या है फर्क? जानें कब क्या करना चाहिए?
पावर ऑफ और रीस्टार्ट में फर्क (Photo: Canva)

Power Off vs Restart: जब आप अपना फोन बंद करते हैं, तो उसके साथ ही सभी बैकग्राउंड प्रोसेस भी पूरी तरह रुक जाते हैं. फिर चाहे आप उसे दोबारा ऑन करें या रीस्टार्ट करें, हर बार फोन शुरुआत से बूट होता है. यानी ऑपरेटिंग सिस्टम लोड होता है, हार्डवेयर दोबारा कॉन्फिगर होता है और बैकग्राउंड में चलने वाले ऐप्स फिर से शुरू होते हैं. यही वजह है कि इसके बाद फोन अक्सर पहले से ज्यादा स्मूद और तेज महसूस होता है. अब सवाल ये है कि आखिर रीस्टार्ट और पावर ऑफ में फर्क क्या है? आइए आपको बताते हैं.

रीस्टार्ट और पावर ऑफ में क्या है असली फर्क?

फोन को रीस्टार्ट करने और पूरी तरह पावर ऑफ करने में असल फर्क सिर्फ इतना है कि वह कितनी देर तक बंद रहता है. रीस्टार्ट में फोन बंद होकर खुद ही तुरंत वापस ऑन हो जाता है, जबकि पावर ऑफ करने पर फोन पूरी तरह बंद होने के बाद उसे दोबारा कब ऑन करना है, यह आपके हाथ में होता है. सिस्टम के लिहाज से दोनों लगभग एक जैसे ही हैं.

कई लोग मानते हैं कि फोन को पूरी तरह बंद करने से कोई ‘डीप क्लीन’ हो जाती है, लेकिन ऐसा नहीं है. फोन की मेमोरी साफ करने या अटके हुए प्रोसेस खत्म करने में रीस्टार्ट भी उतना ही असरदार है. इसलिए, अगर आपका फोन थोड़ा स्लो लग रहा है या हैंग कर रहा है, तो उसे रीस्टार्ट करना सबसे आसान, तेज और असरदार तरीका है.

फोन को कब पावर ऑफ करना फायदेमंद है?

कुछ सिचुएशन में फोन को कुछ समय के लिए बंद रखना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है. मान लीजिए आप बैटरी बचाना चाहते हैं, तो फोन पावर ऑफ करना एक अच्छा ऑप्शन है. लेकिन यहां एक बात ध्यान रखने वाली है. इससे होने वाली बैटरी बचत बहुत ज्यादा नहीं होती. आमतौर पर, फोन बंद रखने और स्लीप मोड में छोड़ने के बीच बैटरी का अंतर सिर्फ कुछ परसेंट का ही होता है.

इतना ही नहीं, जब आप फोन दोबारा ऑन करते हैं, तो बूट होने के दौरान थोड़ी एक्स्ट्रा बैटरी भी खर्च होती है. इसलिए, अगर आप फोन को सिर्फ कुछ मिनटों या एक-दो घंटों के लिए बंद करने की सोच रहे हैं, तो इसका कोई खास फायदा नहीं मिलेगा. हां, अगर आप 8 घंटे या उससे ज्यादा समय तक फोन यूज नहीं करने वाले हैं तब फोन बंद करना बैटरी बचाने के लिहाज से बेहतर हो सकता है.

अगर आपका फोन जरूरत से ज्यादा गर्म हो रहा है, तो उसे पूरी तरह पावर ऑफ करना सबसे बेहतर ऑप्शन है. हालांकि, इस केस में सिर्फ रीस्टार्ट करने से ज्यादा फायदा नहीं होता, क्योंकि फोन दोबारा चालू होते ही बैकग्राउंड में सभी प्रोसेस फिर से रन करने लगते हैं. वहीं, फोन को पूरी तरह बंद करने पर सारी एक्टिविटी रुक जाती हैं, जिससे डिवाइस को आराम मिलता है और वह तेजी से ठंडा हो पाता है. इसलिए, जब भी फोन ओवरहीट हो, कुछ देर के लिए उसे पावर ऑफ कर देना सही रहता है.

यह भी पढ़ें: रोज, हफ्ते या महीने में? कब करना चाहिए अपने फोन को रीस्टार्ट, जानें फायदे

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अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.
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