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Home Technology Perseus Android Malware के टारगेट पर Google-Samsung-Xiaomi के पॉपुलर नोट्स ऐप्स, ऐसे बचें खतरे से

Perseus Android Malware के टारगेट पर Google-Samsung-Xiaomi के पॉपुलर नोट्स ऐप्स, ऐसे बचें खतरे से

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Perseus Android Malware के टारगेट पर Google-Samsung-Xiaomi के पॉपुलर नोट्स ऐप्स, ऐसे बचें खतरे से
पर्सियस एंड्रॉयड मालवेयर खतरा / सिंबॉलिक ai इमेज

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने एक खतरनाक एंड्रॉयड मैलवेयर Perseus का पता लगाया है, जो आपके फोन से सेंसिटिव जानकारी चुराने और डिवाइस पर पूरा कंट्रोल हासिल करने की क्षमता रखता है. यह मैलवेयर Google Keep, Samsung Notes, Xiaomi Notes और अन्य लोकप्रिय नोट्स ऐप्स को टारगेट कर रहा है.

किन ऐप्स को बना रहा है निशाना?

ThreatFabric की रिपोर्ट के अनुसार, Perseus Google Keep, Samsung Notes, Xiaomi Notes, Evernote, Microsoft OneNote और ColorNote जैसे ऐप्स से यूजर डेटा निकाल सकता है. यह Accessibility Services का इस्तेमाल कर ऐप्स के इंटरफेस को ऑटोमैटिकली नेविगेट करता है और यूजर द्वारा लिखे गए नोट्स को पढ़कर रिकॉर्ड कर लेता है.

क्यों है इतना खतरनाक?

Perseus पहले के मैलवेयर जैसे Cerberus और Phoenix से भी ज्यादा एडवांस है. यह केवल पासवर्ड चोरी नहीं करता, बल्कि व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी तक पहुंच सकता है. Accessibility-आधारित रिमोट सेशन के जरिये यह हैकर्स को रियल-टाइम में फोन पर कंट्रोल देता है. रिपोर्ट में बताया गया कि तुर्की और इटली में इसके सबसे ज्यादा मामले मिले हैं, जबकि जर्मनी, फ्रांस, UAE और भारत जैसे देशों में भी खतरा बढ़ रहा है.

कैसे फैल रहा है Perseus?

यह मैलवेयर अक्सर IPTV ऐप्स के जरिये फैलता है, जो Google PlayStore जैसे आधिकारिक प्लैटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं होते. यूजर्स जब इंटरनेट से APK फाइल डाउनलोड करते हैं, तो वे अनजाने में संक्रमित ऐप इंस्टॉल कर लेते हैं. Perseus में एंटी-एनालिसिस फीचर्स भी हैं, जिससे इसे पकड़ना मुश्किल हो जाता है.

सुरक्षित रहने के उपाय

  • नोट्स ऐप्स में संवेदनशील जानकारी जैसे पासवर्ड या बैंक डिटेल्स न लिखें
  • अपने फोन को हमेशा लेटेस्ट सॉफ्टवेयर वर्जन पर अपडेट रखें
  • केवल Google PlayStore या Apple AppStore से ही ऐप्स डाउनलोड करें
  • इंटरनेट से APK फाइल डाउनलोड करने से बचें
  • भरोसेमंद पेड एंटीवायरस सॉल्यूशन का इस्तेमाल करें.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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