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Home Technology ChatGPT 4o: इंसानों की तरह बोलने के साथ-साथ उनकी भावनाओं को भी समझ सकता है ये OpenAI का नया मॉडल

ChatGPT 4o: इंसानों की तरह बोलने के साथ-साथ उनकी भावनाओं को भी समझ सकता है ये OpenAI का नया मॉडल

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ChatGPT 4o: इंसानों की तरह बोलने के साथ-साथ उनकी भावनाओं को भी समझ सकता है ये OpenAI का नया मॉडल
GPT 4o Launched

OpenAI GPT 4o Launched : ChatGPT के आने के बाद से ही तकनीक की दुनिया की रफ्तार तेज हो गई है. पहले GPT-4 और अब जीपीटी-4ओ लॉन्च हो गया है, जो सिर्फ टेक्स्ट और इमेज तक ही सीमित नहीं है बल्कि इससे आगे जा चुका है.

OpenAI का GPT-4o एक ऐसा मॉडल है जो मार्केट में मौजूद सभी एआई टूल्स के मुकाबले ज्यादा तेज और यूजर फ्रेंडली है। इसमें टेक्स्ट, वॉयस के साथ विज़न में बेहतर आउट्पुट मिलता है.

OpenAI की मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, मीरा मुराती ने एक ऑनलाइन ईवेंट के दौरान बताया कि ये नया GPT-4o मॉडल यूजर्स के लिए फ्री में पेश किया जाएगा. यह कंपनी के पिछले मॉडलों की तुलना में अधिक कुशल है.

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मुराती ने आगे कहा कि यह इंसानी भावनाओं और आवाज मॉड्यूलेशन का काम भी कर सकता है. यह फोन के कैमरे के माध्यम से एक लाइव इमेज को देखकर भावनाओं को समझ सकता है और यहां तक ​​कि नाटक, या रोबोटिक आवाज जैसे विभिन्न स्वरों और भावनाओं में अपना फीडबैक भी दे सकता है.

ओपनएआई ने घोषणा की है कि चैटजीपीटी प्लस और टीम यूजर्स के लिए भी जीपीटी-4ओ पेश किया गया है, एंटरप्राइज़ यूजर्स के लिए जल्द ही ये मोडल उपलब्ध होगी. इसके अलावा, जो लोग चैटजीपीटी के फ्री वर्जन का इस्तेमाल कर रहे हैं उन्हें भी लिमिटेड फीचर के साथ फ्लैगशिप एआई मॉडल का उपयोग करने को मिल सकता है.

प्लस सब्स्क्रिप्शन वाले यूजर्स के पास मैसेज लिमिटेशन होगी जो फ्री यूजर्स को मिलने वाली सुविधाओं की तुलना में 5 गुना अधिक तेजी से काम करेगी.

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जाने GPT-4o के फीचर्स के बारे में

-AI चैटबॉट का फीचर मिलेगा जो इंसानों की तरह बोल सकेगा
-लोग अनुवाद करने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। वे भोजन के इतिहास, महत्व के बारे में भी जान सकते हैं और उसके बारे में कुछ या पूछ भी सकते हैं
-GPT-4o मॉडल कई भारतीय भाषाओं में काम कर सकता हैं जैसे-बंगाली, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, पंजाबी, तमिल और तेलुगु आदि
-इस मॉडल मोबाईल और वेब दोनों से लोग चला सकते हैं
-लोग इसके जरिए डेटा का गहन विश्लेषण कर सकते हैं साथ ही चार्ट भी बना सकते हैं.

OpenAI GPT-4o क्या है और इसकी विशेषताएं क्या हैं?

OpenAI GPT-4o एक नया AI मॉडल है जो टेक्स्ट, वॉयस और विज़न में बेहतर आउटपुट प्रदान करता है। यह इंसानी भावनाओं को समझने और विभिन्न आवाज़ों में प्रतिक्रिया देने की क्षमता रखता है।

क्या GPT-4o का उपयोग मुफ्त में किया जा सकता है?

जी हां, OpenAI ने GPT-4o मॉडल को यूजर्स के लिए मुफ्त में पेश किया है, हालांकि इसके कुछ लिमिटेड फीचर्स फ्री वर्जन में उपलब्ध होंगे।

GPT-4o किस प्रकार की भाषाओं का समर्थन करता है?

यह मॉडल कई भारतीय भाषाओं का समर्थन करता है, जैसे बंगाली, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, पंजाबी, तमिल और तेलुगु।

क्या GPT-4o मोबाइल और वेब पर इस्तेमाल किया जा सकता है?

जी हां, GPT-4o मॉडल दोनों प्लेटफॉर्म्स पर उपयोग किया जा सकता है, जिससे इसे आसानी से एक्सेस किया जा सकता है।

प्लस सब्स्क्रिप्शन वाले यूजर्स को क्या लाभ मिलेगा?

प्लस सब्स्क्रिप्शन वाले यूजर्स को फ्री यूजर्स की तुलना में 5 गुना अधिक तेज़ी से काम करने वाले फीचर्स मिलेंगे, जिससे उनका अनुभव और भी बेहतर होगा।

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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