[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Technology AI की रेस पर ब्रेक लगाने को सैन फ्रांसिस्को में OpenAI और Anthropic के बाहर प्रोटेस्ट

AI की रेस पर ब्रेक लगाने को सैन फ्रांसिस्को में OpenAI और Anthropic के बाहर प्रोटेस्ट

0
AI की रेस पर ब्रेक लगाने को सैन फ्रांसिस्को में OpenAI और Anthropic के बाहर प्रोटेस्ट
Stop the AI Race Protest / X@MichaelTrazzi

सैन फ्रांसिस्को में हाल ही में एक अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. करीब 200 एआई सेफ्टी एक्टिविस्ट्स ने OpenAI और Anthropic के हेडक्वाॅर्टर के बाहर इकट्ठा होकर Pause the AI Race के नारे लगाये. उनका कहना है कि कंपनियां अब इंसानियत और सुरक्षा से ज्यादा मुनाफे पर ध्यान दे रही हैं, जिससे नौकरियों और समाज पर गंभीर असर पड़ रहा है.

प्रदर्शनकारियों की मांगें क्या हैं

प्रोटेस्टर्स का कहना था कि ग्लोबल AI रेस को तुरंत रोका जाए. उनका आरोप है कि कंपनियां प्रतिस्पर्धा में आगे निकलने के लिए लगातार नये फ्रंटियर AI मॉडल्स लॉन्च कर रही हैं, लेकिन पहले से मौजूद डीपफेकस्कैम्स और फाइनेंशियल फ्रॉड को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं.

Stop the AI Race Protest / X@MichaelTrazzi

सुरक्षा बनाम मुनाफा का खेल

एक्टिविस्ट्स ने आरोप लगाया कि OpenAI जैसी कंपनियां अब नॉन-प्रॉफिट से हटकर प्रॉफिट मॉडल पर काम कर रही हैं. उनका कहना है कि टेक कंपनियों ने दुनिया को एक टेस्टिंग ग्राउंड बना दिया है, जहां इंसानियत की सुरक्षा से ज्यादा प्रतिस्पर्धा और पैसा मायने रखता है.

भारत और ग्लोबल असर

AI का असर भारत के IT और BPO सेक्टर में भी दिखने लगा है. कई नौकरियां ऑटोमेशन की वजह से खतरे में हैं. वहीं अमेरिका अभी भी AI रेगुलेशन पर संघर्ष कर रहा है, लेकिन भारत ने अपने IndiaAI गवर्नेंस गाइडलाइंस जारी कर दिये हैं, जो इनोवेशन और सुरक्षा दोनों पर ध्यान देते हैं.

अस्तित्व का खतरा और जवाबदेही

प्रोटेस्टर्स ने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में ऐसे सुपर AI मॉडल्स बन गए जिन्हें इंसान नियंत्रित नहीं कर पाए, तो यह इंसानियत के अस्तित्व के लिए बड़ा खतरा होगा. उन्होंने कंपनियों से मांग की कि उनके CEO अपने बनाये गए AI मॉडल्स की जिम्मेदारी लें. साथ ही No Killer Robots के नारे लगाकर मिलिट्री में AI के इस्तेमाल पर भी चिंता जतायी.

यह भी पढ़ें: Sora को क्यों बंद कर रही OpenAI? पैसे से जुड़ा है मामला

यह भी पढ़ें: ChatGPT के आने पर क्या था सुंदर पिचाई का पहला रिएक्शन? साढ़े तीन साल बाद सामने आयी यह बात

Previous article ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों का इंटरमीडिएट में रहा बेहतर परिणाम
Next article प्रखंड में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर धरना
Avatar Of Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel