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NTT ने इजाद की नयी AI तकनीक, जानिए दूसरों से कितना खास है यह

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NTT ने इजाद की नयी AI तकनीक, जानिए दूसरों से कितना खास है यह
एनटीटी ने संवाद डेटा से विशेषज्ञ ज्ञान को विजुअलाइज करने वाली अपनी नई AI तकनीक का अनावरण किया है।


NTT AI Technology: एनटीटी ने हाल ही में एक नई एआई तकनीक बनाई है जो विशेषज्ञों के गहरे ज्ञान को समझने और दिखाने में मदद करती है, जिससे किसी भी क्षेत्र में जानकारी आसानी से एक से दूसरे को दी जा सकती है. यह खास तकनीक, खासकर कॉल सेंटर और सुरक्षा से जुड़े मामलों में, बातचीत के आंकड़ों का विश्लेषण करके विशेषज्ञों के सोचने और फैसला लेने के तरीके को लगभग 90% तक सही-सही दिखा सकती है. यह विकास ऐसे समय में हुआ है जब पुरानी पीढ़ी के विशेषज्ञों के रिटायर होने से कंपनियों को उनके अनुभव के खोने का बड़ा डर है. अब इस एआई के आने से शुरुआती स्तर के कर्मचारी भी अनुभवी लोगों की तरह ही काम कर पाएंगे, जिससे काम पहले से ज्यादा अच्छे और एक जैसे तरीके से होगा. यह तकनीक सिर्फ ज्ञान को बचाने के लिए नहीं है, बल्कि यह इंसानों और मशीनों के मिलकर काम करने का एक नया रास्ता भी खोल रही है.

एनटीटी की नई एआई तकनीक: विशेषज्ञ ज्ञान को समझना और दिखाना

जापान की प्रमुख कंपनी एनटीटी ने एक नई आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक बनाई है जो विशेषज्ञों के सोचने और फैसला लेने के तरीके को लगभग 90% तक सही-सही दिखा सकती है. यह तकनीक उन समस्याओं को हल करने में मदद करेगी जो लंबे समय से जानकारी से जुड़े कामों में आ रही हैं, खासकर विशेषज्ञ ज्ञान को एक से दूसरे तक पहुंचाने में. इस तकनीक का लक्ष्य स्वचालित जवाब देना है जो वास्तविक कामकाजी जानकारी पर आधारित हों.

तकनीक कैसे काम करती है

यह नई एआई तकनीक बड़े भाषा मॉडल (एलएलएम) का उपयोग करती है. यह बातचीत के डेटा से सवालों और सुझावों को निकालती है, फिर सवाल से जवाब और सुझाव तक के रास्ते को मैप करती है. इन रास्तों को प्रवाह (फ्लो) में व्यवस्थित किया जाता है, और सभी प्रवाह में सवालों और सुझावों के बीच हुए बदलावों को गिना जाता है. बार-बार होने वाले बदलावों को फिर पदानुक्रमित ट्री संरचनाओं में व्यवस्थित किया जाता है, जिससे फ्लोचार्ट बनते हैं जो सामान्य निर्णय लेने और जवाब देने के तरीकों को दिखाते हैं. यह प्रक्रिया बिना व्यवस्थित बातचीत वाले डेटा को व्यवस्थित, विश्लेषण योग्य प्रवाह में बदल देती है.

एनटीटी ने अपने इस तरीके को “फ्लोडायल” नामक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध बातचीत के डेटासेट का उपयोग करके परखा है. फ्लोडायल का उपयोग अक्सर प्राकृतिक भाषा प्रोसेसिंग के मूल्यांकन में किया जाता है. बातचीत के डेटा से फ्लोचार्ट बनाकर और उनकी तुलना असली फ्लोचार्ट से करके, इस तकनीक ने मूल सवाल और सुझावों की संरचनाओं को लगभग 90% तक दोहराया. फ्लोडायल के साथ इसकी प्रभावशीलता साबित होने के बाद, एनटीटी का अगला कदम अधूरे या रुक-रुक कर होने वाली बातचीत को संभालने के लिए निकालने और दिखाने की सटीकता को बेहतर बनाना है, जिससे वास्तविक दुनिया के व्यावसायिक कामों में इसे उपयोग किया जा सके.

विशेषज्ञ ज्ञान का महत्व

विशेषज्ञ ज्ञान वह जानकारी और कौशल होता है जो किसी खास क्षेत्र में व्यक्ति के पास होता है. यह एआई प्रणालियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मशीनों को मानवीय सोच और निर्णय लेने की नकल करने में मदद करता है. विशेषज्ञ प्रणालियाँ (Expert Systems) उन कंप्यूटर प्रणालियों को कहते हैं जो किसी मानव विशेषज्ञ की निर्णय लेने की क्षमता जैसी क्षमता दिखाती हैं. ये प्रणालियाँ जटिल समस्याओं को हल करने के लिए बनाई जाती हैं और इसके लिए एक ज्ञान-भंडार (Knowledge Base) और ‘अगर-तब’ (If-Then) कथनों के सहारे तर्क का उपयोग किया जाता है. 1970 के दशक में पहली बार ऐसी प्रणालियाँ बनाई गईं और वे पहली सफल एआई सॉफ्टवेयर बनीं.

विशेषज्ञ प्रणालियों के मुख्य लाभों में से एक यह है कि वे विशेषज्ञ के ज्ञान को हमेशा के लिए सुरक्षित कर लेती हैं, जिसे असंख्य लोग एक साथ या जब चाहें उपयोग कर सकते हैं. यह नए लोगों को किसी जटिल चीज़ का प्रशिक्षण देने में भी उपयोगी हो सकता है. इसके अलावा, विशेषज्ञ प्रणालियाँ उन आंकड़ों और सूचनाओं का आसानी से उपयोग कर सकती हैं जिन्हें याद रखना इंसानों के लिए मुश्किल होता है.

एआई और भविष्य के प्रभाव

एआई तकनीकें तेजी से विकसित हो रही हैं और समाज में गहराई से समाहित हो रही हैं. एनटीटी जैसी कंपनियां एआई के अनुसंधान, विकास और वास्तविक दुनिया में उपयोग पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं, जिसमें उनके अपने जनरेटिव एआई “त्सुजुमी” भी शामिल हैं. जनरेटिव एआई एक प्रकार की एआई है जो नया कंटेंट बना सकती है, जैसे टेक्स्ट, तस्वीरें, संगीत या कोड. यह पारंपरिक एआई से अलग है जो पैटर्न पहचानने और अनुमान लगाने पर केंद्रित होती है. जनरेटिव एआई बड़ी मात्रा में डेटा का उपयोग करके मानव जैसी प्रतिक्रियाएं और नए समाधान बना सकती है.

एआई का उपयोग कई क्षेत्रों में बढ़ रहा है, जिसमें ग्राहक सेवा, डेटा विश्लेषण, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन और शिक्षा शामिल हैं. उदाहरण के लिए, एआई-संचालित रोबोट उत्पादन प्रक्रियाओं को स्वचालित कर सकते हैं, और एआई मेडिकल इमेजिंग का विश्लेषण करके बीमारियों का पता लगाने में मदद कर सकता है. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि एआई पर पूरी तरह से निर्भरता से सोचने की क्षमता कमजोर हो सकती है और आत्मविश्वास कम हो सकता है. स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भी एआई द्वारा दिए गए डेटा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए हैं, खासकर जब वह भारतीय संदर्भ में उपयुक्त न हो.

एनटीटी का एआई पर ध्यान

एनटीटी एआई में नवाचारों को आगे बढ़ाने में अग्रणी है जो उद्योगों को बदल रहे हैं और समाज को मजबूत कर रहे हैं. उनकी एआई तकनीकें आपदा राहत, बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवा सहित कई जटिल चुनौतियों को हल करने के लिए बनाई गई हैं. एनटीटी सुरक्षा, अखंडता और नवाचार को मिलाकर दुनिया भर के व्यवसायों और समुदायों को अत्याधुनिक समाधान प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है जो एक तेजी से डिजिटल दुनिया में दक्षता, सुरक्षा और प्रगति को बढ़ावा देते हैं. कंपनी जिम्मेदार एआई के विकास का भी समर्थन करती है और अपनी एआई चार्टर के माध्यम से नैतिक प्रथाओं, पारदर्शिता और स्थिरता पर जोर देती है.

आगे की राह

एनटीटी का अगला कदम इस तकनीक की सटीकता और प्रदर्शन को और बेहतर बनाना है ताकि यह अधूरी या टूटी हुई बातचीत को भी समझ सके. इससे इसे वास्तविक दुनिया के व्यावसायिक कार्यों में बेहतर तरीके से उपयोग किया जा सकेगा. एनटीटी डेटा ने भारत में डिजिटल बदलाव को बढ़ावा देने के लिए एआई और बुनियादी ढांचे में बड़े निवेश की भी घोषणा की है, जिसमें बेंगलुरु में अपने इनोवेशन सेंटर का अपग्रेड और विस्तार शामिल है जो एआई, डिजिटल ट्विन और क्वांटम कंप्यूटिंग परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करेगा.

क्षेत्रएआई का उपयोग
ग्राहक सेवाचैटबॉट ग्राहकों के सवालों का तुरंत जवाब देते हैं.
स्वास्थ्य सेवाबीमारियों का शीघ्र निदान और उपचार, दवा विकास, व्यक्तिगत चिकित्सा.
परिवहनस्व-ड्राइविंग कारें, ट्रैफिक प्रबंधन.
शिक्षापाठ्यक्रम प्रबंधन, शिक्षकों के लिए उपकरण, छात्र प्रेरणा की भविष्यवाणी.
विनिर्माणउत्पादन प्रक्रियाओं का स्वचालन, पूर्वानुमानित रखरखाव, आपूर्ति श्रृंखला अनुकूलन.
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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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