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Home Technology NHAI का नया ऐप बताएगा सबसे सस्ता टोल वाला हाईवे कौन सा है, यात्रा होगी सस्ती, प्लानिंग होगी आसान

NHAI का नया ऐप बताएगा सबसे सस्ता टोल वाला हाईवे कौन सा है, यात्रा होगी सस्ती, प्लानिंग होगी आसान

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NHAI का नया ऐप बताएगा सबसे सस्ता टोल वाला हाईवे कौन सा है, यात्रा होगी सस्ती, प्लानिंग होगी आसान
NHAI Rajmargyatra Toll Saving App

NHAI Rajmargyatra App: अगर आप लंबे सफर पर निकलने की योजना बना रहे हैं तो अब आपका खर्च थोड़ा कम हो सकता है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) का ‘राजमार्गयात्रा’ऐप जल्द ही एक ऐसी सुविधा लेकर आ रहा है जो बताएगी कि किसी दो शहरों के बीच सबसे कम टोल वाला मार्ग कौन सा है.

क्या है ये नयी सुविधा?

भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी (IHMCL) के इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ITS) के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर अमृत सिंह ने बताया कि NHAI का ‘राजमार्गयात्रा’ऐप अब यात्रियों को किसी भी दो शहरों के बीच सबसे कम टोल वाला मार्ग सुझाने में सक्षम होगा. उन्होंने कहा कि दिल्ली से लखनऊ तक तीन मुख्य मार्ग हैं- यमुना एक्सप्रेसवे, गाजियाबाद-अलीगढ़-कानपुर-लखनऊ, मुरादाबाद-बरेली-सीतापुर-लखनऊ. ऐप इन मार्गों के टोल शुल्क की तुलना कर यूजर को सबसे किफायती और उपयुक्त विकल्प देगा.

यातायात नियमों के उल्लंघन पर नजर सिंह ने यह भी बताया कि एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) के आंकड़ों से पता चलता है कि 21 जून से 23 जून के बीच 1.73 लाख उल्लंघन दर्ज किये गए हैं, जिनमें से एक लाख से अधिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों द्वारा प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश के मामले थे- विशेष रूप से दिल्ली-गुड़गांव और द्वारका एक्सप्रेसवे पर.

यूजर्स को और क्या सुविधाएं मिलेंगी?

  • राष्ट्रीय राजमार्गों की लाइव जानकारी
  • टोल प्लाजा और ट्रैफिक अपडेट
  • शिकायत दर्ज करने की सुविधा
  • मार्ग चयन के लिए सटीक विकल्प

आईटीएस और एटीएमएस की मदद से सटीक डेटा एनएचएआई की ‘एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS)’ और ‘इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ITS)’ के जरिये ऐप को लाइव ट्रैफिक और टोल से संबंधित आंकड़े मिलते हैं, जिससे यह लगातार अपडेट रहता है.

नयी सड़कें, बेहतर सफर इसके साथ ही एनएचएआई दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के जरिए जयपुर को बांदीकुई से जोड़ने वाली 67 किलोमीटर लंबी सड़क खोलने की योजना बना रहा है, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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