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Home Technology भारत आज ही के दिन बना एटमी ताकत, पोखरण में अटल जी के नेतृत्व में हुआ था परीक्षण

भारत आज ही के दिन बना एटमी ताकत, पोखरण में अटल जी के नेतृत्व में हुआ था परीक्षण

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भारत आज ही के दिन बना एटमी ताकत, पोखरण में अटल जी के नेतृत्व में हुआ था परीक्षण
National Technology Day 2024 History and Importance

National Technology Day 2024 History and Importance : हमारा देश भारत तेजी से विकसित होनेवाले देशों में शामिल है. भारत के विकास में टेक्नोलॉजी का बड़ा महत्वपूर्ण योगदान रहा है. इसी के उपलक्ष्य में हम नेशनल टेक्नोलॉजी डे मनाते हैं. भारत के वैज्ञानिकों और उनकी उपलब्धियों के सम्मान में हर साल देश में 11 मई को नेशनल टेक्नोलॉजी डे मनाया जाता है. दरअसल, इसी दिन साल 1998 में भारत ने परमाणु परीक्षण किया था. भारत भर में नेशनल टेक्नोलॉजी डे पर सरकारी संस्थाओं, स्कूल-कॉलेज में टेक्नोलॉजी डे के अवसर पर प्रोग्राम रखे जाते हैं.

National Technology Day क्या है इसका इतिहास?

नेशनल टेक्नोलॉजी डे का यह दिन देश के विकास में इंजीनियर, वैज्ञानिकों की महत्वपूर्ण भूमिका निभाये जाने और उन्हें इसका श्रेय देने के लिए खास है. इसके इतिहास की बात करें, तो साल 1998 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में, भारत ने एक के बाद एक लगातार 5 परमाणु बम परीक्षण किये. यह पोखरण-2 था. पहला परमाणु परीक्षण मई 1974 में किया गया था. पोखरण-2 के सफल रहने पर सरकार ने 11 मई को नेशनल टेक्नोलॉजी डे के रूप में मनाने की घोषणा कर दी.

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National Technology Day भारत के न्यूक्लियर टेस्ट वाला दिन

11 मई 1998 को पोखरण परमाणु परीक्षण करने के बाद भारत दुनिया का छठा ऐसा देश बन गया, जिसने न्यूक्लियर टेस्ट किया. हालांकि, इसके बाद भारत पर अमेरिकी सरकार ने कई तरह के प्रतिबंध लगा दिये थे. इन सबके बावजूद भारत पश्चिमी देशों के दबाव नहीं आया और उसने टेस्ट जारी रखे. तब से 11 मई को देश में नेशनल टेक्नोलॉजी डे के रूप में मनाया जाता है और देश के विकास में योगदान देनेवाले वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को यह दिन समर्पित किया गया है.

National Technology Day क्या है इस दिन का महत्व?

नेशनल टेक्नोलॉजी डे हमें यह बात याद दिलाता है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में, खासतौर से न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी के विकास में दुनिया कैसे आगे बढ़ रही है और भारत ने किस तरह इसमें अपनी जगह बनायी है. यह दिन उन वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है, जिन्होंने देश के विकास में अपना योगदान दिया और दे रहे हैं. नेशनल टेक्नोलॉजी डे के लिए हर साल नयी थीम होती है. यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारे जीवन में टेक्नोलॉजी का कितना बड़ा स्थान है. तरक्की और वृद्धि को सुनिश्चित करने के लिए इस क्षेत्र में लगातार निवेश और नवोन्मेष की जरूरत है.

नेशनल टेक्नोलॉजी डे क्या है?

11 मई को हर साल मनाया जाने वाला नेशनल टेक्नोलॉजी डे भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की उपलब्धियों के सम्मान में मनाया जाता है, खासकर परमाणु परीक्षणों के संदर्भ में।

इस दिन का इतिहास क्या है?

1998 में, तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारत ने पोखरण-2 में लगातार 5 परमाणु परीक्षण किए। इसके सफल होने के बाद, 11 मई को नेशनल टेक्नोलॉजी डे के रूप में मनाने की घोषणा की गई।

भारत के लिए इस दिन का क्या महत्व है?

यह दिन उन वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को सम्मानित करने का अवसर है जिन्होंने देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, विशेषकर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में।

नेशनल टेक्नोलॉजी डे पर क्या गतिविधियाँ होती हैं?

देशभर में सरकारी संस्थाओं और शिक्षण संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जहां विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवीनतम विकास पर चर्चा की जाती है।

इस दिन की थीम क्या होती है?

हर साल नेशनल टेक्नोलॉजी डे के लिए एक नई थीम होती है, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के महत्व को उजागर करती है और समाज में उनके योगदान को याद दिलाती है।

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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