[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Technology मेटा के मालिक मार्क जुकरबर्ग से उनके मोहल्लेवाले परेशान क्यों हैं?

मेटा के मालिक मार्क जुकरबर्ग से उनके मोहल्लेवाले परेशान क्यों हैं?

0
मेटा के मालिक मार्क जुकरबर्ग से उनके मोहल्लेवाले परेशान क्यों हैं?
Mark Zuckerberg

Crescent Park की शांति को Mark Zuckerberg की रईसी ने तोड़ा

कैलिफोर्निया के Palo Alto शहर का Crescent Park कभी अरबपतियों का शांत ठिकाना हुआ करता था. Apple के फाउंडर Steve Jobs जैसे दिग्गज यहां रहते थे. लेकिन 2011 में Meta के CEO Mark Zuckerberg के आगमन के बाद इस इलाके की तस्वीर बदल गई.

11 घरों को मिलाकर बना रहे हैं निजी साम्राज्य

मार्क ने एक नहीं, पूरे 11 घर खरीदकर उन्हें एक विशाल प्रॉपर्टी में बदलना शुरू किया. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने करीब ₹920 करोड़ खर्च किए हैं. इस प्रॉपर्टी में गेस्ट हाउस, गार्डन, पिकलबॉल कोर्ट और यहां तक कि अपनी तीन बेटियों के लिए निजी स्कूल भी शामिल है.

पत्नी की मूर्ति और 7000 वर्गफुट का बंकर

शाहजहां से प्रेरणा लेते हुए मार्क ने अपनी पत्नी Priscilla Chan की सात फुट ऊंची चांदी की मूर्ति लगवाई है. साथ ही एक विशाल अंडरग्राउंड स्पेस भी बनाया गया है, जिसे पड़ोसी ‘बंकर’ कहते हैं. सुरक्षा के लिए निजी गार्ड और कैमरे भी लगाए गए हैं, जिनमें से कई पड़ोसियों की ओर मुंह किए हुए हैं.

नियमों की अनदेखी और सामाजिक दूरी

2016 में चार घरों को तोड़कर बेसमेंट बनाने की अनुमति मांगी गई थी, जो खारिज हो गई. बावजूद इसके निर्माण जारी है. निजी स्कूल भी नियमों के दायरे से बाहर है. पड़ोसी Michael Kieschnick कहते हैं, “कोई भी कब्जा नहीं करना चाहता, लेकिन मार्क ऐसा कर रहे हैं.” स्थानीय काउंसिलर Greer Stone भी मानते हैं कि मार्क नियमों की खामियों का फायदा उठा रहे हैं.

ना ब्लॉक पार्टी, ना मीटिंग में शामिल

मार्क न तो ब्लॉक पार्टी में आते हैं, न ही सोसायटी की मीटिंग में. पड़ोसी खुद को “बेचारा” महसूस कर रहे हैं. इस कहानी से साफ है- पड़ोसी चाहे भारत में हों या अमेरिका में, परेशानी तो होती ही है.

Mark Zuckerberg बने दुनिया के चौथे सबसे अमीर शख्स, काम कर गया मेटावर्स पर दांव

Mark Zuckerberg घर के पीछे क्यों लगायी पत्नी प्रिसिला की मूर्ति? क्या है इसका रोमन कनेक्शन?

Meta AI का धमाका! ChatGPT को टक्कर देने आया नया स्टैंडअलोन ऐप, जानें क्या है खास

End Of Smartphones: मस्क, बिल गेट्स और जुकरबर्ग ने कहा- स्मार्टफोन का खेल खत्म, टिम कुक बोले- पिक्चर अभी बाकी है

Previous article झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का क्या है लेटेस्ट हेल्थ अपडेट? 18 अगस्त को बैठेगा मेडिकल बोर्ड
Next article Viral Video: एक नोबेल प्राइज तो बनता है! भाई साहब का जुगाड़ देख हिल जाएगा सिर, वायरल हो रहा वीडियो
Avatar Of Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel