[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Technology AI डेवलपर्स के लिए खुशखबरी! मॉडल ट्रेनिंग के लिए लाइसेंसिंग मॉडल तैयार

AI डेवलपर्स के लिए खुशखबरी! मॉडल ट्रेनिंग के लिए लाइसेंसिंग मॉडल तैयार

0
AI डेवलपर्स के लिए खुशखबरी! मॉडल ट्रेनिंग के लिए लाइसेंसिंग मॉडल तैयार
AI डेवलपर्स के लिए खुशखबरी! सरकार लाई बड़ा लाइसेंस मॉडल

India AI Training License: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते उपयोग को देखते हुए केंद्र सरकार की एक कमेटी ने AI डेवलपर्स के लिए बड़ा प्रस्ताव रखा है. सुझाव दिया गया है कि डेवलपर्स को एक अनिवार्य लाइसेंस मिले, जिसके तहत वे वैध रूप से उपलब्ध कॉपीराइटेड सामग्री का प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल कर सकें. हालांकि इसके साथ यह भी कहा गया है कि रचनाकारों को कानूनी रूप से तय पारिश्रमिक मिलना जरूरी है. DPIIT की ओर से जारी वर्किंग पेपर ने इस पर स्टेकहोल्डर्स से राय मांगी है.

AI और कॉपीराइट विवाद के बीच बनी विशेषज्ञ कमेटी

डिजिटल कंटेंट और AI मॉडलों से जुड़े विवादों के बढ़ते मामलों को देखते हुए DPIIT ने 28 अप्रैल 2025 को एक विशेषज्ञ पैनल गठित किया था. आठ सदस्यीय इस समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त सचिव हिमानी पांडे कर रही हैं. इसमें कानूनी विशेषज्ञों, टेक इंडस्ट्री और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है. कमेटी का काम यह समझना है कि AI सिस्टम मौजूदा कानूनों के सामने कौन सी चुनौतियां खड़ी करते हैं और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है.

India AI Training License: लाइसेंसिंग होगी सरल, डेवलपर्स को मिलेगा वन-स्टॉप ऐक्सेस

वर्किंग पेपर के अनुसार प्रस्तावित मॉडल लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाता है. सुझाव है कि एक छतरी संगठन बनाया जाए, जिसे कॉपीराइट होल्डर्स मिलकर तैयार करें और सरकार उसे अधिकृत करे. यह संस्था रॉयल्टी वितरण से लेकर लाइसेंसिंग की सभी प्रक्रियाएं देखेगी, जिससे AI डेवलपर्स को कॉपीराइटेड सामग्री तक वन-विंडो ऐक्सेस मिल सकेगा और उनका समय और खर्च दोनों बचेंगे.

तकनीक और क्रिएटिव राइट्स के बीच संतुलन बनाने की कोशिश

कमेटी ने माना है कि जेनरेटिव AI आने वाले समय की दिशा बदलने वाली तकनीक है, लेकिन इसके साथ ही कॉपीराइट सुरक्षा भी उतनी ही अहम है. पेपर में स्पष्ट कहा गया है कि चुनौती यह है कि मानव रचनाओं की सुरक्षा और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा- दोनों के बीच संतुलन बनाये रखा जाए. इसके लिए ऐसी नीतिगत संरचना जरूरी है जो देश की रचनात्मक इंडस्ट्री की रक्षा भी करे और AI रिसर्च को भी गति दे.

ChatGPT Voice Mode अब मेन चैट में, नया अपडेट लॉन्च, बातचीत होगी आसान

Amazon ने ठान लिया: अब कोडिंग में कोई बाहर का AI नहीं चलेगा, सिर्फ अपना Kiro

Previous article Aaj Ka Rashifal 10 December 2025: आज वृषभ-मिथुन वृश्चिक राशि वालों को मिलेंगे नए अवसर, मकर-कुंभ वाले रहे सतर्क, पढ़ें मेष से मीन तक का राशिफल
Next article कड़ाके की सर्दी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, चिरिया और चौपारण में मृत मिले 2 लोग, ठंड से मौत की आशंका
Avatar Of Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel