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Mahakumbh स्नान के बाद बाल संत अभिनव अरोड़ा डिऑर बैग के साथ हुए Viral

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Mahakumbh स्नान के बाद बाल संत अभिनव अरोड़ा डिऑर बैग के साथ हुए Viral
Mahakumbh Baal Sant Abhinav Arora Dior Bag Viral

Abhinav Arora Dior Bag Viral: महाकुंभ स्नान के बाद बाल संत अभिनव अरोड़ा का डिऑर बैग के साथ वायरल होना सोशल मीडिया और मीडिया में चर्चा का विषय बन गया है. यह घटना महाकुंभ स्नान के बाद हुई, जहां लाखों श्रद्धालु गंगा नदी में डुबकी लगाने के लिए पहुंचे थे. साधुओं और संतों का महाकुंभ में एक विशेष स्थान होता है, और उनका रूप साधारण और तपस्वी होता है. लेकिन बाल संत अभिनव अरोड़ा का एक डिऑर बैग के साथ तस्वीर सामने आई, जो उनके साधु जीवन से मेल नहीं खाता था.

सोशल मीडिया पर लोगों ने उठाये सवाल

डिऑर बैग एक महंगा और प्रीमियम फैशन ब्रांड है, जिसे आमतौर पर उच्च वर्ग के लोग अपनी फैशन शैली को व्यक्त करने के लिए इस्तेमाल करते हैं. इस बैग के साथ बाल संत का फोटो वायरल होने के बाद, सोशल मीडिया पर इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं. कई लोगों ने सवाल उठाया कि एक साधु संत के पास ऐसा ब्रांडेड बैग कैसे हो सकता है, जबकि साधु जीवन में विलासिता से दूर रहने की उम्मीद होती है.

जानबूझकर किया ऐसा?

कई लोग इसे संतों के जीवन के प्रति आदर्श के खिलाफ मानते हुए आलोचना कर रहे थे. सोशल मीडिया पर यह भी बहस चली कि क्या यह एक प्रकार का पाखंड है या फिर यह उनके व्यक्तिगत चुनाव का हिस्सा था. कुछ लोगों ने इसे एक प्रचार के रूप में देखा, जबकि कुछ ने इसे महाकुंभ जैसे धार्मिक अवसर पर अनुशासन और संतों के जीवन के प्रति सम्मान की कमी माना.

भक्तों और आलोचकों के बीच छिड़ी गर्म बहस

हालांकि, बाल संत अभिनव अरोड़ा ने इस पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया और उन्होंने अपनी छवि के बारे में किसी प्रकार की प्रतिक्रिया भी नहीं दी. उनका यह कदम एक चर्चा का विषय बना, जिससे सोशल मीडिया पर उनके भक्तों और आलोचकों के बीच एक गर्म बहस छिड़ गई.

‘संत’ का फैशन और लाइफस्टाइल

यह मामला धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत में साधुओं और संतों को विशेष सम्मान और श्रद्धा दी जाती है. उनके जीवन का उद्देश्य ध्यान, साधना और समाज की सेवा होता है, और ऐसे में एक महंगे ब्रांड का बैग उनके जीवन के उद्देश्य से मेल नहीं खाता. इस घटना ने एक सवाल उठाया है कि क्या संतों को अपनी साधना और आध्यात्मिकता के साथ फैशन और ब्रांडेड जीवनशैली को जोड़ने का अधिकार होना चाहिए?

सोशल मीडिया की ताकत

हालांकि, इस पूरे मामले में एक बात तो साफ है कि सोशल मीडिया की ताकत और जनता की नजर से कुछ भी छिपा नहीं रह सकता. अब यह देखना होगा कि बाल संत इस मामले पर आगे क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या इस घटना का कोई धार्मिक या समाजिक प्रभाव होता है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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