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Home Technology Koo App Shutting Down: बंद हो रहा भारतीय सोशल मीडिया ऐप ‘कू’, फाउंडर अप्रमेय राधाकृष्ण और मयंक बिद्वतका ने बतायी वजह

Koo App Shutting Down: बंद हो रहा भारतीय सोशल मीडिया ऐप ‘कू’, फाउंडर अप्रमेय राधाकृष्ण और मयंक बिद्वतका ने बतायी वजह

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Koo App Shutting Down: बंद हो रहा भारतीय सोशल मीडिया ऐप ‘कू’, फाउंडर अप्रमेय राधाकृष्ण और मयंक बिद्वतका ने बतायी वजह
Koo App Shutting Down

Koo App Shutting Down: ‘कू’ अब बंद होने जा रहा है. भारतीय सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ‘कू’ के फाउंडर अप्रमेय राधाकृष्ण और मयंक बिद्वतका ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट के जरिये यह जानकारी दी है. इस पोस्ट में लिखा है कि उन्होंने कई बड़ी इंटरनेट कंपनियों और मीडिया समूहों के साथ साझेदारी की संभावनाएं तलाशी, लेकिन इन बातचीत से वैसे परिणाम नहीं निकले, जो वे चाहते थे.

फाउंडर का लिंक्डइन पर पोस्ट

लिंक्डइन पर पोस्ट में अप्रमेय राधाकृष्ण और मयंक बिद्वतका ने कहा है कि अधिकांश यूजर जेनरेटेड कंटेंट और सोशल मीडिया कंपनी के वाइल्ड नेचर से डील नहीं करना चाहते थे. उनमें से कुछ ने पार्टनरशिप को साइन करने के करीब ही प्राथमिकता बदल दी. हम ऐप को चालू रखना चाहते थे, लेकिन सोशल मीडिया ऐप को चालू रखने के लिए टेक्नोलॉजी सर्विसेज की लागत अधिक है. इसलिए हमें यह कठिन निर्णय लेना पड़ा है.

भारतीय सोशल मीडिया ऐप ‘कू’ क्यों बंद हो रहा है?

पिछले दिनों खबर आयी थी कि डेलीहंट ऐप का अधिग्रहण करने वाला है, लेकिन किन्हीं वजहों से बात नहीं बनी. कू ऐप को टाइगर ग्लोबल और एक्सेल जैसे प्रमुख निवेशकों से 60 मिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग भी मिली हुई है. इन सब चीजों के बावजूद इसे बंद किया जा रहा है. पिछले कुछ महीने से कू ऐप में छंटनी लगातार चल रही थी. इस वजह से इसके बंद होने की चर्चा पहले से ही चल रही थी.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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