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Home Technology सोशल मीडिया कंपनियों पर सरकार ने कसी नकेल, न्यूज और कंटेंट पर सख्त निगरानी

सोशल मीडिया कंपनियों पर सरकार ने कसी नकेल, न्यूज और कंटेंट पर सख्त निगरानी

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सोशल मीडिया कंपनियों पर सरकार ने कसी नकेल, न्यूज और कंटेंट पर सख्त निगरानी
सोशल मीडिया / सांकेतिक तस्वीर

भारत सरकार ने IT Rules 2021 में संशोधन कर सोशल मीडिया और डिजिटल प्लैटफॉर्म्स पर सख्ती बढ़ा दी है. नये नियमों के तहत अब फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, यूट्यूब, गूगल और ई-कॉमर्स साइट्स जैसे प्लैटफॉर्म्स को यूजर डेटा और कंटेंट को लेकर कड़े प्रावधानों का पालन करना होगा.

Intermediary कंपनियों पर सख्ती

नये नियम खास तौर पर Intermediary कंपनियों पर लागू होंगे, यानी वे प्लैटफॉर्म जो यूजर और कंटेंट के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाते हैं. अब अगर मंत्रालय किसी प्लैटफॉर्म को कोई निर्देश या गाइडलाइन जारी करता है तो उसका पालन करना अनिवार्य होगा. पहले कंपनियां इन्हें एडवाइजरी मानकर टाल देती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा.

डेटा सुरक्षा और जिम्मेदारी

सरकार ने साफ कर दिया है कि यूजर डेटा को सुरक्षित रखना और तय समय तक संभाल कर रखना अनिवार्य होगा. अगर कंपनियां नियमों का पालन नहीं करतीं तो उन्हें IT Act की धारा 79 के तहत मिलने वाली “सेफ हार्बर” सुरक्षा खोनी पड़ सकती है. इसका मतलब है कि अब प्लैटफॉर्म यह नहीं कह पाएंगे कि यूजर ने पोस्ट किया तो हमारी जिम्मेदारी नहीं है.

न्यूज और कंटेंट पर निगरानी

रूल 8 में किये गए बदलाव के तहत अब न्यूज और करंट अफेयर्स कंटेंट भी सख्त निगरानी में आयेगा. चाहे कोई यूजर व्हाट्सऐप पर न्यूज फॉरवर्ड करे या फेसबुक पर शेयर करे, प्लैटफॉर्म की जिम्मेदारी तय होगी.

शिकायत निपटान व्यवस्था

सरकार ने शिकायतों के निपटान के लिए एक कमेटी बनायी है जो नियमित रूप से मामलों की सुनवाई करेगी. यह कमेटी न सिर्फ शिकायतों को स्वीकार या खारिज करेगी, बल्कि मंत्रालय को सिफारिशें भी देगी.

आम यूजर पर असर

इन नियमों का असर सीधे आम यूजर्स पर भी पड़ेगा. अब सोशल मीडिया पर कुछ भी शेयर करने से पहले लोग ज्यादा सोचेंगे क्योंकि प्लैटफॉर्म्स पर जिम्मेदारी बढ़ने का मतलब है कि कंटेंट पर निगरानी भी सख्त होगी.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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