[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Technology अमेरिका-ईरान युद्ध में ऐप्स बचा रहे लोगों की जान, जानिए क्या है तकनीक

अमेरिका-ईरान युद्ध में ऐप्स बचा रहे लोगों की जान, जानिए क्या है तकनीक

0
अमेरिका-ईरान युद्ध में ऐप्स बचा रहे लोगों की जान, जानिए क्या है तकनीक
ईरान युद्ध में अलर्ट ऐप्स बने जीवनरक्षक / सिंबॉलिक एआई पिक

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने हालात को बेहद खतरनाक बना दिया है. मिसाइल हमलों के चलते आम नागरिकों की जान पर संकट मंडरा रहा है. ऐसे समय में तकनीक लोगों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रही है. हाई-टेक अलर्ट सिस्टम और मोबाइल ऐप्स नागरिकों को हमले से पहले चेतावनी देकर उनकी जान बचाने में मदद कर रहे हैं.

कैसे बचा रहे हैं ऐप्स लोगों की जान

ईरान में Eitaa, Bale और Rubika जैसे मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल मिसाइल हमलों से पहले अलर्ट भेजने के लिए किया जा रहा है. जैसे ही हवा में मिसाइल डिटेक्ट होती है, उसकी स्पीड और लोकेशन का तुरंत कैलकुलेशन कर नागरिकों को नोटिफिकेशन भेज दिया जाता है. यह अलर्ट हमले से लगभग 90 सेकंड पहले जारी होता है, जिससे लोगों को सुरक्षित जगह पर जाने का समय मिल जाता है.

महसा ऐप: मैप पर दिखती सुरक्षित जगह

ईरानी-अमेरिकी डेवलपर अहमद अहमदियां द्वारा बनाया गया Mahsa ऐप नागरिकों को पूरे देश की स्थिति बताता है. इसमें मैप के जरिए यह जानकारी मिलती है कि किस इलाके में हमला हुआ है और कौन-सी जगह सुरक्षित है. इससे लोग अपने परिवार के साथ सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का निर्णय तेजी से ले पाते हैं.

टेक्नोलॉजी के पीछे की साइंस

इन अलर्ट सिस्टम्स में स्पेस-बेस्ड सेंसर, ग्राउंड-बेस्ड सेंसर और इंस्टेंट कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है. जैसे ही मिसाइल की एक्टिविटी पकड़ी जाती है, सिस्टम तुरंत डेटा प्रॉसेस कर अलर्ट जारी कर देता है. हालांकि, कभी-कभी अलर्ट में देरी भी हो सकती है, इसलिए नागरिकों को खुद भी सतर्क रहना जरूरी है.

अन्य देशों में भी मौजूद हैं ऐसे सिस्टम

ईरान ही नहीं, बल्कि जापान, ताइवान, साउथ कोरिया और अमेरिका जैसे देशों में भी ऐसे अलर्ट सिस्टम मौजूद हैं. इनका उद्देश्य एक ही है- नागरिकों को समय रहते चेतावनी देना ताकि वे अपनी जान बचा सकें.

यह भी पढ़ें: ईरान की लड़ाई में एआई से चढ़ाई, लेकिन इसने दुनिया की चिंता क्यों बढ़ाई?

यह भी पढ़ें: Grok AI ने पहले ही बता दी थी ईरान पर हमले की तारीख? Elon Musk के रिएक्शन से सोशल मीडिया में हंगामा

Previous article कर्क साप्ताहिक राशिफल: इस सप्ताह बिजनेस में बड़ा रिस्क या स्वास्थ्य बिगड़ने के संकेत!
Next article अमेरिका-ईरान युद्ध ने बढ़ाई भारत के सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की चिंताएं, हीलियम सप्लाई है वजह
Avatar Of Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel