[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Technology ऑस्ट्रेलिया से बैठकर भारत में सर्जरी, 10 हजार किमी दूर से मरीज का ऑपरेशन कर भारतीय डॉक्टर ने रचा इतिहास

ऑस्ट्रेलिया से बैठकर भारत में सर्जरी, 10 हजार किमी दूर से मरीज का ऑपरेशन कर भारतीय डॉक्टर ने रचा इतिहास

0
ऑस्ट्रेलिया से बैठकर भारत में सर्जरी, 10 हजार किमी दूर से मरीज का ऑपरेशन कर भारतीय डॉक्टर ने रचा इतिहास
भारतीय डॉक्टर का कमाल, 10 हजार किमी दूर से सर्जरी / फोटोज एक्स से

मेडिकल टेक्नोलॉजी ने एक और बड़ी छलांग लगाई है. भारत के प्रसिद्ध बैरियाट्रिक सर्जन डॉ मोहित भंडारी ने ऑस्ट्रेलिया के पर्थ से बैठकर भारत के इंदौर में मौजूद मरीज का सफल ऑपरेशन कर नया इतिहास बना दिया. करीब 10,000 किलोमीटर की दूरी पर की गई यह रोबोटिक सर्जरी दिखाती है कि अब इलाज की सीमाएं तेजी से खत्म हो रही हैं और डॉक्टर कहीं से भी मरीज तक पहुंच सकते हैं.

कैसे हुआ 10,000 किमी दूर से ऑपरेशन?

यह सर्जरी गैस्ट्रोजेजुनोस्टॉमी प्रक्रिया के तहत की गई, जिसमें पेट को छोटी आंत के एक हिस्से से जोड़ा जाता है.

डॉक्टर ने पर्थ में बैठे-बैठे एक हाई-टेक कंसोल के जरिए रोबोटिक आर्म्स को कंट्रोल किया, जो इंदौर में मरीज पर काम कर रहे थे.

हर मूवमेंट रियल टाइम में ट्रांसफर हुआ और मशीन ने उसे बेहद सटीक तरीके से दोहराया. इस पूरी प्रक्रिया में देरी इतनी कम थी कि यह इंसानी पलक झपकने जितनी तेज मानी जा रही है.

कौन सी तकनीक बनी इस चमत्कार की वजह?

इस ऐतिहासिक सर्जरी में भारत में विकसित SSI Mantra और MantrAsana सिस्टम का इस्तेमाल किया गया.

ये तकनीक SS Innovations International ने डेवलप की है, जो एडवांस रोबोटिक सर्जरी सॉल्यूशंस के लिए जानी जाती है.

इस सिस्टम की खासियत यह है कि यह 0.1 मिलीमीटर तक की सटीकता के साथ काम कर सकता है, जो इंसानी हाथों से भी ज्यादा प्रिसाइज माना जाता है.

हेल्थकेयर में क्या बदलेगा इस तकनीक से?

यह उपलब्धि सिर्फ एक सर्जरी तक सीमित नहीं है, बल्कि हेल्थकेयर के भविष्य की दिशा तय करती है.

अब बड़े शहरों के विशेषज्ञ डॉक्टर दूर-दराज के इलाकों में बैठे मरीजों का इलाज कर सकेंगे, बिना किसी यात्रा के.

इससे खासतौर पर ग्रामीण भारत में रहने वाले मरीजों को बड़ा फायदा मिल सकता है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी रहती है.

क्या यह तकनीक बनेगी गेम चेंजर?

टेली-सर्जरी की यह सफलता दिखाती है कि आने वाले समय में अस्पतालों की परिभाषा बदल सकती है.

अगर यह तकनीक बड़े स्तर पर अपनाई जाती है, तो देश के किसी भी कोने में बैठे मरीज को वर्ल्ड-क्लास ट्रीटमेंट मिल सकता है.

यह कदम न सिर्फ मेडिकल साइंस के लिए बड़ा बदलाव है, बल्कि लाखों लोगों के लिए नई उम्मीद भी है.

यह भी पढ़ें: STAR तकनीक ने बदली तस्वीर: जहां मिलना नामुमकिन था, वहां अब छिपे स्पर्म्स ढूंढ़कर दे रही पितृत्व का मौका

Previous article नेकुला में कलश यात्रा के साथ हरिनाम संकीर्तन का शुभारंभ
Next article बाल श्रम उन्मूलन, विमुक्ति एवं पुनर्वास को लेकर समीक्षात्मक बैठक आयोजित
Avatar Of Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel