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Home Technology 18 लाख ऐप्स का क्लीनअप! Google ने Play Store से हटाए लाखों फेक ऐप्स, जानिए क्यों

18 लाख ऐप्स का क्लीनअप! Google ने Play Store से हटाए लाखों फेक ऐप्स, जानिए क्यों

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18 लाख ऐप्स का क्लीनअप! Google ने Play Store से हटाए लाखों फेक ऐप्स, जानिए क्यों
Google Play Store Cleanup 2025

Google Play Store Cleanup 2025: अगर आप भी Android यूजर हैं और हर दिन नए ऐप्स आजमाते हैं, तो आपके लिए बड़ी खबर है. Google ने 2024 में अपने Play Store से 18 लाख से ज्यादा ऐप्स को डिलीट कर दिया है. यह कदम यूजर्स की सुरक्षा और ऐप्स की गुणवत्ता सुधारने के लिए उठाया गया है.

क्यों लिया Google ने इतना बड़ा एक्शन?

2024 की शुरुआत में प्ले स्टोर पर करीब 34 लाख ऐप्स थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 18 लाख रह गई है. यानी 47% ऐप्स को हटा दिया गया है. रिसर्च फर्म App figures की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अब तक का सबसे बड़ा ऐप क्लीनअप माना जा रहा है.

मैलवेयर और फ्रॉड ऐप्स पर कड़ी कार्रवाई

Google ने बताया कि AI और ह्यूमन रिव्यू की मदद से ऐप्स को स्कैन किया गया. इसके चलते करीब 23.6 लाख संदिग्ध ऐप्स को पब्लिश होने से पहले ही ब्लॉक कर दिया गया. साथ ही 1.58 लाख डेवलपर अकाउंट्स को भी बंद किया गया है.

EU नियम और प्राइवेसी चिंताओं का असर

EU के नए डिजिटल नियमों के चलते डेवलपर्स को अपने पर्सनल डिटेल्स जैसे ऐड्रेस शेयर करना जरूरी हो गया है. इस कारण कई डेवलपर्स ने अपने ऐप्स खुद ही प्ले स्टोर से हटा लिए. कुछ पुराने और बिना अपडेट वाले ऐप्स को भी हटाया गया, जो नए Android वर्जन के साथ काम नहीं कर रहे थे.

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लेकिन नए ऐप्स की एंट्री भी बढ़ी!

हालांकि क्लीनअप के बावजूद, 2025 की पहली तिमाही में नए ऐप्स की लॉन्चिंग में 7% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यानी अब Play Store पर कम लेकिन क्वालिटी ऐप्स की मौजूदगी है.

यूजर्स को क्या फायदा होगा?

इस साफ-सफाई से एंड्रॉयड यूजर्स को बेहतर सिक्योरिटी, कम स्कैम्स और हाई-क्वालिटी ऐप्स का फायदा मिलेगा. चाहे गेमिंग हो, स्ट्रीमिंग हो या प्रोडक्टिविटी – अब Play Store पर अच्छे ऐप्स ढूंढना पहले से ज्यादा आसान होगा.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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