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Home Technology Google ने 300+ ऐप्स किए बैन, फोन में घुसकर चुरा रहे थे यूजर्स का डेटा, कहीं आपके मोबाइल में तो नहीं?

Google ने 300+ ऐप्स किए बैन, फोन में घुसकर चुरा रहे थे यूजर्स का डेटा, कहीं आपके मोबाइल में तो नहीं?

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Google ने 300+ ऐप्स किए बैन, फोन में घुसकर चुरा रहे थे यूजर्स का डेटा, कहीं आपके मोबाइल में तो नहीं?
Google Play Store Remove Apps / Ai Image

Google ने डेटा सुरक्षा के लिए की बड़ी कार्रवाई : Google ने Play Store से 300 से अधिक ऐप्स को हटा दिया (Google Play Store Remove Apps) है, जिन पर यूजर्स की संवेदनशील जानकारी चोरी करने का आरोप था. ये ऐप्स बैकग्राउंड में डेटा ऐक्सेस कर रहे थे और संभावित रूप से यूजर्स की निजी जानकारी को खतरे में डाल रहे थे.

किन ऐप्स को किया गया बैन?

इन प्रतिबंधित ऐप्स में कई लोकप्रिय गेमिंग, यूटिलिटी और फाइनेंस से जुड़े ऐप्स शामिल थे. साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं ने पाया कि ये ऐप्स यूजर्स की लोकेशन, संपर्क सूची और अन्य संवेदनशील डेटा बिना अनुमति के ऐक्सेस कर रहे थे.

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कैसे करें अपने डेटा की सुरक्षा?

अविश्वसनीय ऐप्स डाउनलोड करने से बचें – केवल Play Store पर वेरिफाइड डेवलपर्स के ऐप्स ही इंस्टॉल करें.अनुचित परमिशन से बचें – किसी भी ऐप को अनावश्यक अनुमति (लोकेशन, कैमरा, कॉन्टैक्ट) देने से पहले सोचें.
एंटीवायरस का इस्तेमाल करें – अपने फोन में अच्छे सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करें.
नियमित अपडेट करें – ऐप्स और डिवाइस के OS को समय-समय पर अपडेट करते रहें.

Google की सख्त पॉलिसी जारी रहेगी

Google ने स्पष्ट किया है कि वह Play Store पर सुरक्षा मानकों को और मजबूत करेगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रखेगा. अगर किसी यूजर ने इन बैन किए गए ऐप्स को डाउनलोड किया है, तो उन्हें तुरंत डिलीट करने की सलाह दी जाती है. सुरक्षित ब्राउजिंग के लिए हमेशा सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध ऐप को डाउनलोड करने से पहले जांच करें.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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