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Home Technology Google अपने AI कर्मचारियों को दे रहा सालभर की सैलरी, बिना काम! वजह जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान

Google अपने AI कर्मचारियों को दे रहा सालभर की सैलरी, बिना काम! वजह जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान

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Google अपने AI कर्मचारियों को दे रहा सालभर की सैलरी, बिना काम! वजह जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान
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एक ओर जहां दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां छंटनी कर रही हैं, वहीं Google एक अलग ही वजह से चर्चा में है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, Google की AI यूनिट DeepMind के कुछ इंजीनियर्स को बिना किसी काम के पूरे एक साल की सैलरी दी जा रही है.

क्या है मामला?

Business Insider की रिपोर्ट के अनुसार, DeepMind के कुछ कर्मचारी फिलहाल किसी भी प्रोजेक्ट पर काम नहीं कर रहे, फिर भी उन्हें वेतन मिल रहा है. इसकी वजह है Non-Compete Agreement – यह एक कॉन्ट्रैक्ट होता है, जो कर्मचारियों को कंपनी छोड़ने के बाद कुछ समय तक किसी प्रतिस्पर्धी कंपनी में नौकरी करने से रोकता है.

इन्हीं शर्तों के तहत इन कर्मचारियों को “Extended Garden Leave” पर रखा गया है, यानी वे ऑफिस नहीं जा रहे, फिर भी उन्हें सालभर की सैलरी दी जा रही है ताकि वे दूसरी कंपनियों में शामिल न हों.

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AI इंडस्ट्री में क्यों है ये महत्वपूर्ण?

AI की दुनिया तेजी से बदल रही है और एक साल का गैप किसी इंजीनियर को तकनीक की दौड़ में पीछे छोड़ सकता है. DeepMind के एक पूर्व कर्मचारी ने कहा, “AI में एक साल काफी लंबा वक्त होता है – इसमें आप अपडेट्स और इनोवेशन से कट सकते हैं.”

गूगल का पक्ष क्या है?

Google का कहना है कि कंपनी अपने सभी बिज़नेस कॉन्ट्रैक्ट्स और लॉज का पालन करती है. Non-Compete Clauses का उपयोग उनकी इनोवेशन और टेक्नोलॉजी को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है.

हालांकि, कुछ कर्मचारी इसे करियर के लिए नुकसानदायक मानते हैं, लेकिन Google की ये रणनीति फिलहाल सुर्खियों में है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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