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Home Technology Nowruz 2025 Google Doodle: डूडल पर गूगल ने मनाया 3000 साल पुरानी परंपरा का उत्सव नवरोज 2025

Nowruz 2025 Google Doodle: डूडल पर गूगल ने मनाया 3000 साल पुरानी परंपरा का उत्सव नवरोज 2025

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Nowruz 2025 Google Doodle: डूडल पर गूगल ने मनाया 3000 साल पुरानी परंपरा का उत्सव नवरोज 2025
Nowruz 2025 Google Doodle / Google

Nowruz 2025 Google Doodle: गूगल डूडल ने नवरो 2025 को किया डेडिकेट

गूगल ने अपने आज के अपने डूडल के जरिये नवरोज 2025 का जश्न मनाया है, जो कि 3,000 साल पुरानी परंपरा और ईरानी नववर्ष के रूप में जाना जाता है. यह त्योहार वसंत ऋतु के आगमन और प्रकृति के नयेपन का प्रतीक है, जिसे विभिन्न संस्कृतियों और समुदायों द्वारा बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है.

Nowruz 2025 Google Doodle: क्या है नवरोज का महत्व?

नवरोज मुख्य रूप से पारसी, फारसी और मध्य एशियाई संस्कृतियों में मनाया जाता है और इसे वसंत विषुव (Spring Equinox) के दिन मनाने की परंपरा है. यह दिन इस बात का संकेत देता है कि पृथ्वी की धुरी सूर्य के केंद्र में आ गई है, जिससे दिन और रात बराबर हो जाते हैं. यह पर्व न केवल ईरान, अफगानिस्तान, ताजिकिस्तान और अन्य मध्य एशियाई देशों में बल्कि भारत में भी पारसी समुदाय द्वारा बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है.

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Nowruz 2025 Google Doodle: नवरोज से जुड़ी प्रमुख परंपराएं

नवरोज पर पारंपरिक रूप से घरों की साफ-सफाई की जाती है, जिसे ‘खाने तकानी’ कहा जाता है. साथ ही, विशेष रूप से सजाई गई ‘हफ्त-सीन’ मेज तैयार की जाती है, जिसमें सात प्रतीकात्मक चीजें रखी जाती हैं, जो समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक होती हैं. इस दौरान लोग एक-दूसरे से मिलते हैं, उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं और पारंपरिक व्यंजन जैसे ‘सब्जी पुलाव’, ‘समनू’ और ‘कूकू सब्जी’ खाते हैं.

Nowruz 2025 Google Doodle: गूगल डूडल का विशेष संदेश

हर साल की तरह, इस बार भी गूगल ने एक विशेष डूडल बनाकर नवरोज की शुभकामनाएं दी हैं. इस डूडल में वसंत ऋतु के जीवंत रंगों, फूलों और पारंपरिक प्रतीकों को दर्शाया गया है, जो इस त्योहार की खुशहाली और समृद्धि का संदेश देता है.
नवरोज न केवल एक सांस्कृतिक त्योहार है, बल्कि यह नयी शुरुआत, प्रेम, सौहार्द और प्रकृति से जुड़ने का संदेश भी देता है. गूगल डूडल के जरिये इस वैश्विक त्योहार को और भी अधिक पहचान और सराहना मिली है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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