[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Technology क्या 1 मई 2025 से सचमुच खत्म हो जाएगा FASTag का खेल? आधी नहीं, यहां जानिए पूरी सच्चाई

क्या 1 मई 2025 से सचमुच खत्म हो जाएगा FASTag का खेल? आधी नहीं, यहां जानिए पूरी सच्चाई

0
क्या 1 मई 2025 से सचमुच खत्म हो जाएगा FASTag का खेल? आधी नहीं, यहां जानिए पूरी सच्चाई
FASTag Based Annual Pass

FASTag End Date: फैक्ट चेक – क्या FASTag 1 मई 2025 से पूरी तरह बंद हो रहा है? हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि 1 मई 2025 से भारत में FASTag को पूरी तरह से हटाकर GNSS (Global Navigation Satellite System) आधारित टोल वसूली शुरू की जाएगी. हालांकि, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई निर्णय नहीं लिया गया है. FASTag सिस्टम अभी जारी रहेगा और GNSS आधारित टोलिंग को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा.

FASTag End Date: GNSS आधारित टोलिंग सिस्टम क्या है और यह कैसे काम करता है?

GNSS आधारित टोलिंग सिस्टम एक सैटेलाइट-आधारित तकनीक है, जो वाहनों की वास्तविक दूरी के आधार पर टोल शुल्क वसूलती है. इसमें वाहनों में एक ऑन-बोर्ड यूनिट (OBU) या ट्रैकर लगाया जाएगा जो वाहन की यात्रा की निगरानी करेगा. टोल शुल्क सीधे डिजिटल वॉलेट या बैंक खाते से स्वतः कट जाएगा, जिससे टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी.

FASTag End Date: GNSS बनाम FASTag: क्या अंतर है?

फीचरFASTag (RFID)GNSS (सैटेलाइट आधारित)
ट्रैकिंग तकनीकRFID टैग और टोल प्लाजा स्कैनरसैटेलाइट-आधारित रीयल-टाइम ट्रैकिंग
टोल वसूलीटोल प्लाजा पर निर्धारित शुल्कयात्रा की वास्तविक दूरी के आधार पर शुल्क
रुकावटटोल प्लाजा पर रुकना आवश्यकबिना रुके यात्रा संभव
चरणबद्ध कार्यान्वयनपहले से लागूपायलट प्रोजेक्ट्स के माध्यम से लागू हो रहा है
GNSS बनाम FASTag

टेक्नोलॉजी की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें

टेक टिप्स की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें

FASTag End Date: क्या 1 मई 2025 से GNSS पूरी तरह लागू हो जाएगा?

नहीं. सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1 मई 2025 से GNSS आधारित टोलिंग सिस्टम को पूरे देश में लागू करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है. यह प्रणाली पहले पायलट प्रोजेक्ट्स के माध्यम से कुछ चयनित राजमार्गों पर लागू की जाएगी और उसके बाद चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया जाएगा.

FASTag End Date: भ्रामक है दावा

1 मई 2025 से FASTag को पूरी तरह से हटाने और GNSS आधारित टोलिंग सिस्टम को लागू करने का दावा भ्रामक है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि FASTag सिस्टम अभी जारी रहेगा और GNSS आधारित टोलिंग को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें और अफवाहों पर विश्वास न करें.

यह भी पढ़ें: 1 मई से खत्म हो जाएगा आपका FASTag? जानें सरकार का लेटेस्ट अपडेट

Previous article व्यवसायी हत्याकांड में गिरफ्तारी के बाद स्पीडी ट्रायल कर मिले अपराधियों को सजा : रविरंजन
Next article Parenting Tips: अपने पापा से क्यों सबसे ज्यादा प्यार करती हैं बेटियां? कारण जानकर चौंक जाएंगे आप
Avatar Of Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel