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Home Technology फर्जी सिम का अब नहीं चलेगा जुगाड़! DoT ने उतारा दमदार AI हथियार

फर्जी सिम का अब नहीं चलेगा जुगाड़! DoT ने उतारा दमदार AI हथियार

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फर्जी सिम का अब नहीं चलेगा जुगाड़! DoT ने उतारा दमदार AI हथियार
Fake SIM Detector DoT ASTR

Fake SIM Detector DoT ASTR: देश में बढ़ते साइबर अपराधों और फर्जी सिम कार्ड के दुरुपयोग को रोकने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) ने एक बड़ा कदम उठाया है. विभाग ने ASTR (Artificial Intelligence and Facial Recognition powered Solution for Telecom SIM Subscriber Verification) नामक एक अत्याधुनिक तकनीक लॉन्च की है, जिसे भारत का AI शील्ड कहा जा रहा है.

क्या है ASTR सिस्टम?

ASTR एक ऐसा टूल है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फेस रिकॉग्निशन तकनीक पर आधारित है. इसका उद्देश्य फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जारी किए गए सिम कार्ड की पहचान करना और उन्हें ब्लॉक करना है. यह सिस्टम यूजर के चेहरे की पहचान कर दस्तावेजों का मिलान करता है. यदि दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं, तो संबंधित सिम कार्ड को तुरंत ब्लॉक कर दिया जाता है.

कैसे करेगा काम?

सिम कार्ड जारी करते समय ग्राहक का चेहरा स्कैन किया जाएगा

AI तकनीक दस्तावेजों से चेहरे का मिलान करेगी

मिलान न होने पर सिम कार्ड को ब्लॉक कर दिया जाएगा

इससे फर्जी सिम कार्ड का उपयोग करने वाले साइबर अपराधियों पर लगाम लगेगी.

DoT का उद्देश्य

DoT ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि ASTR सिर्फ एक तकनीक नहीं, बल्कि विश्वास, पारदर्शिता और सुरक्षा की दिशा में एक ठोस कदम है. इसका उद्देश्य भारत के टेलीकॉम इकोसिस्टम को स्मार्ट, सुरक्षित और धोखाधड़ी-प्रतिरोधी बनाना है.

फर्जी सिम कार्ड से जुड़ी समस्याएं

भारत में फर्जी सिम कार्ड का उपयोग कर ऑनलाइन ठगी, साइबर फ्रॉड और यहां तक कि आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया जाता रहा है. ऐसे मामलों में ASTR एक प्रभावी हथियार साबित हो सकता है.

सरकार की अपील

DoT ने सभी टेलीकॉम कंपनियों और रिटेलर्स से अपील की है कि वे सिम कार्ड जारी करते समय ASTR सिस्टम का पालन करें और फर्जी दस्तावेजों की जांच में कोई कोताही न बरतें. ASTR सिस्टम भारत में डिजिटल सुरक्षा को एक नई दिशा देने वाला कदम है. यह न केवल फर्जी सिम कार्ड की पहचान करेगा, बल्कि आम नागरिकों को साइबर अपराध से बचाने में भी मददगार साबित होगा.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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