[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Technology टेकऑफ और लैंडिंग के समय ही क्यों होते हैं ज्यादातर प्लेन क्रैश? आखिर कहां होती है चूक, जिससे सब खाक हो जाता है

टेकऑफ और लैंडिंग के समय ही क्यों होते हैं ज्यादातर प्लेन क्रैश? आखिर कहां होती है चूक, जिससे सब खाक हो जाता है

0
टेकऑफ और लैंडिंग के समय ही क्यों होते हैं ज्यादातर प्लेन क्रैश? आखिर कहां होती है चूक, जिससे सब खाक हो जाता है
प्लेन क्रैश

Why Do Most Plane Crashes During Landing Takeoff: हवाई सफर को दुनिया के सबसे सुरक्षित यात्राओं में गिना जाता है. रोजाना कई फ्लाइट्स बिना किसी परेशानी के अपने डेस्टिनेशन तक पहुंच रहे हैं, लेकिन जब भी विमान हादसे होते हैं, तो सबसे पहले एक ही सवाल आता है कि आखिर ज्यादातर हादसे टेकऑफ और लैंडिंग के समय ही क्यों होते हैं? आज बुधवार की सुबह महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का निधन भी विमान हादसे में हो गया. यह हादसा उस वक्त हुआ जब अजित पवार का विमान बारामती में लैंडिंग करने जा रहा था. ऐसे कई विमान हादसे और भी हैं, जो लैंडिंग या टेकऑफ के दौरान हुए थे. आइए जानते हैं कि आखिर ज्यादातर प्लेन हादसे लैंडिंग और टेकऑफ के वक्त ही क्यों होते हैं.

सबसे नाजुक पल होते हैं टेकऑफ और लैंडिंग

किसी भी फ्लाइट का सबसे जोखिम भरा समय उसके पहले और आखिरी कुछ मिनट होते हैं. टेकऑफ के समय विमान जमीन से उठता है और लैंडिंग के समय वह दोबारा जमीन को छूता है. इन दोनों ही कंडीशन में विमान कम ऊंचाई पर होता है, जिससे किसी भी गड़बड़ी को संभालने का समय बहुत कम रह जाता है. लैंडिंग के वक्त मौसम का असर भी सबसे ज्यादा देखने को मिलता है. तेज हवाएं, बारिश, कोहरा या हवा का डायरेक्शन अचानक बदलने जैसे कंडीशन विमान के संतुलन को बिगाड़ सकते हैं. खासतौर पर रनवे को छूते समय अगर हवा का दबाव बदल जाए, तो विमान के फिसलने या असंतुलित होने का खतरा बढ़ जाता है.

कम समय में बड़े फैसले

ऊंचाई पर पायलट के पास समस्या समझने और समाधान निकालने के लिए पर्याप्त वक्त होता है, लेकिन टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान इंजन में अचानक दिक्कत, रनवे पर रुकावट और तकनीकी अलर्ट जैसी स्थितियों में पायलट को सेकेंड्स में फैसला लेना पड़ता है. यही वजह है कि टेकऑफ और लैंडिंग सबसे चैलेंजिंग माना जाता है.

कई तकनीकी सिस्टम रहते हैं एक्टिव

लैंडिंग के दौरान विमान के कई अहम तकनीकी सिस्टम एक साथ एक्टिव रहते हैं. लैंडिंग गियर, फ्लैप्स, ब्रेक और इंजन थ्रस्ट सब एक साथ काम करते हैं. अगर इनमें से किसी एक सिस्टम में भी तकनीकी खराबी आ जाए, तो कंडीशन और खराब हो सकती है. जमीन के करीब होने की वजह से पायलट के पास उस खराबी को संभालने के लिए बहुत कम समय होता है. यही वजह है कि ज्यादातर विमान हादसे लैंडिंग के दौरान ही होते हैं.

ऊंचाई पर स्थिति काफी हद तक सेफ

जब प्लेन आसमान में कई हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा होता है, तब स्थिति काफी हद तक सेफ रहती है. उस वक्त पायलट के पास सोचने-समझने और फैसला लेने के लिए पूरा समय होता है. यहां तक कि अगर किसी वजह से दोनों इंजन बंद भी हो जाएं, तो प्लेन तुरंत नीचे नहीं गिरता. वह कुछ देर तक ग्लाइडर की तरह हवा में फिसलता रहता है, जिससे पायलट कोई न कोई रास्ता निकाल लेते हैं.

लैंडिंग के वक्त ही क्यों होते हैं ज्यादा हादसे?

टेकऑफ और लैंडिंग के समय हालात बिल्कुल अलग होते हैं. लैंडिंग को सबसे मुश्किल काम माना जाता है. क्योंकि, प्लेन को सही तरीके से जमीन पर लैंड करवाना होता है. इस दौरान प्लेन को बिल्कुल सही स्पीड, सही एंगल और सही जगह पर रनवे को छूना होता है. थोड़ी सी भी गड़बड़ी बड़ा खतरा बन सकती है.

रनवे की सीमित जगह भी हादसों की एक बड़ी वजह है. हवा में जहां विमान के पास खुला आसमान होता है, वहीं लैंडिंग के समय उसे एक तय रनवे पर ही सुरक्षित रूप से रुकना होता है. अगर रनवे गीला हो, फिसलन भरा हो, छोटा हो या वहां ट्रैफिक ज्यादा हो, तो जोखिम और बढ़ जाता है. इसी दौरान बर्ड स्ट्राइक यानी पक्षियों से टकराने की संभावना भी अधिक रहती है, क्योंकि विमान कम ऊंचाई पर उड़ रहा होता है. इन सभी कारणों के चलते लैंडिंग के समय पायलट को सेकेंडों में बड़े फैसले लेने पड़ते हैं. कई बार आखिरी पल में लैंडिंग रद्द कर विमान को दोबारा हवा में ले जाना पड़ता है, जिसे गो-अराउंड कहा जाता है.

यह भी पढ़ें: अजीत पवार की प्लेन क्रैश में मौत, लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा 

Previous article राष्ट्रपति मुर्मू ने की महिला खिलाड़ियों की तारीफ, वर्ल्ड कप जीत पर कही ये बड़ी बात
Next article कोलकाता मेट्रो सेवा फिर से बाधित, सिग्नल की खराबी के कारण बंद रही ब्लू लाइन पर ट्रेनें
Avatar Of Shivani Shah
शिवानी कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर टेक-ऑटो कंटेंट राइटर हैं और डिजिटल मीडिया में वह 3 सालों से सक्रिय हैं. वह टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं. वह आसान भाषा और साफ तरीके से खबर लिखती हैं. टेक कैटेगरी में वह स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), गैजेट्स, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स पर खबर लिखती हैं. ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी शिवानी नई कार-बाइक लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ऑटो अपडेट्स, कार और बाइक से जुड़े टिप्स व नई तकनीक पर खबरें लिखती हैं. वह टेक और ऑटो की खबरों को आसान तरीके से पेश करती हैं, ताकि हर रीडर उसे आसानी से समझ सके. उनकी लेखन शैली आसान, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है. शिवानी ने करीम सिटी कॉलेज जमशेदपुर से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. इसके बाद उन्होंने अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से पत्रकारिता में अपनी मास्टर्स की डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे कंटेन्ट राइटिंग की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिवानी ने Lagatar.Com और The News Post जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है. यहां उन्होंने टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और अन्य न्यूज बीट पर कंटेंट तैयार किया. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में उनकी खास रुचि है और वह लगातार नए विषयों पर बेहतर और भरोसेमंद कंटेंट तैयार कर रही हैं. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शिवानी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि रीडर्स तक सही, काम की खबरें और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel