[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Technology DPDP Act पर सरकार का रुख सख्त, बदलाव की संभावना नहीं

DPDP Act पर सरकार का रुख सख्त, बदलाव की संभावना नहीं

0
DPDP Act पर सरकार का रुख सख्त, बदलाव की संभावना नहीं
Digital Personal Data Protection Act

DPDP Act: सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (DPDP Act) में अब किसी भी प्रकार के संशोधन की गुंजाइश नहीं है. पत्रकारों और नागरिक संगठनों की चिंताओं के बावजूद, सरकार अधिनियम के नियमों को अंतिम रूप देने में जुटी है.

RTI और प्रेस स्वतंत्रता पर उठे सवाल

पत्रकार संगठनों और नागरिक अधिकार समूहों ने आशंका जताई है कि DPDP अधिनियम के प्रावधान सूचना का अधिकार (RTI) कानून को कमजोर कर सकते हैं. उनका कहना है कि इससे भ्रष्टाचार उजागर करने, योजनाओं की निगरानी और फाइलों की स्थिति जानने में बाधा आएगी.

विशेष छूट की मांग और आंदोलन की चेतावनी

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को ज्ञापन सौंपकर पत्रकारों को विशेष छूट देने की मांग की है. संगठन ने चेतावनी दी है कि मांग नहीं माने जाने पर कानूनी कार्रवाई या आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा.

अधिनियम पर मिले हजारों सुझाव

सरकारी सूत्रों के अनुसार, अधिनियम और उसके मसौदा नियमों को विभिन्न संस्थानों से मिले 6,900 से अधिक सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है. जल्द ही इससे संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले सवालों (FAQs) की सूची भी जारी की जाएगी.

संसद से पारित कानून में संशोधन संभव नहीं

सूत्रों ने स्पष्ट किया कि चूंकि यह अधिनियम संसद से पारित हो चुका है, इसलिए अब इसमें संशोधन संभव नहीं है. नियम केवल अधिनियम के दायरे में ही बनाये जा सकते हैं.

बीएसएनएल को सरकार की दो टूक: सेवा सुधारो, टावर बिजली दुरुस्त करो

WiFi को रातभर चालू रखना चाहिए या बंद? जानिए आपके सोए रहते कितनी बिजली चूसता है ये छोटू डिवाइस

Previous article काबिलियत से ग्लोबल बने आदिवासी, अंडमान-असम और बंगाल को झारखंड के लोगों ने संवारा
Next article Tiranga Dhokla Recipe:स्वतंत्रता दिवस पर बनाएं तिरंगा रंग का स्वादिष्ट ढोकला
Avatar Of Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel