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Home Technology Dead Internet Theory: क्या इंटरनेट अब इंसानों का नहीं रहा? क्या है डेड इंटरनेट थ्योरी?

Dead Internet Theory: क्या इंटरनेट अब इंसानों का नहीं रहा? क्या है डेड इंटरनेट थ्योरी?

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Dead Internet Theory: क्या इंटरनेट अब इंसानों का नहीं रहा? क्या है डेड इंटरनेट थ्योरी?
सैम ऑल्टमैन डेड इंटरनेट थ्योरी

क्या आप सोशल मीडिया पर जो पढ़ते हैं, वो वाकई इंसानों ने लिखा है? या फिर वो किसी AI मॉडल की रचना है? OpenAI के CEO Sam Altman ने हाल ही में एक ऐसा बयान दिया जिसने Dead Internet Theory को फिर से चर्चा में ला दिया है. उन्होंने स्वीकार किया कि अब ट्विटर (X) पर बड़ी संख्या में AI द्वारा चलाए जा रहे अकाउंट्स मौजूद हैं. क्या वाकई इंटरनेट अब “मशीनों की दुनिया” बन चुका है?

Dead Internet Theory क्या है?

Dead Internet Theory एक विवादास्पद विचार है जो कहता है कि इंटरनेट पर ज्यादातर गतिविधिया अब इंसानों की नहीं, बल्कि AI मॉडल्स और बॉट्स द्वारा संचालित होती हैं. सोशल मीडिया पर जो प्रोफाइल्स और पोस्ट्स दिखते हैं, वे असल में ऑटोमेटेड सिस्टम्स द्वारा बनाए गए होते हैं. यह थ्योरी मानती है कि इंटरनेट अब एक मशीन-निर्मित भ्रम बन चुका है- कुछ-कुछ “The Matrix” जैसी दुनिया.

Sam Altman का बयान और विवाद

Sam Altman ने X पर लिखा, “मैंने Dead Internet Theory को पहले गंभीरता से नहीं लिया था, लेकिन अब लगता है कि वाकई बहुत सारे LLM-चालित ट्विटर अकाउंट्स हैं.” उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं. कई यूजर्स ने उन्हें ही Dead Internet Theory का जनक कह डाला.

AI कंटेंट की बाढ़

Elon Musk द्वारा X को मोनेटाइज करने के बाद, AI-बेस्ड बॉट्स की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है. ये बॉट्स वायरल पोस्ट्स पर लंबे-लंबे, लेकिन भावहीन कमेंट्स करते हैं. Facebook, Instagram और TikTok जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी AI-generated पोस्ट्स और इमेजेज की भरमार है, जिनका मकसद सिर्फ एंगेजमेंट बढ़ाना होता है.

भविष्य की तस्वीर: इंसानों की जगह मशीनें?

एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया है कि आने वाले वर्षों में AI और रोबोटिक्स अधिकांश नौकरियों को खत्म कर सकते हैं. इससे:

महंगाई में गिरावट (Deflation) आ सकती है

सरकारों को आय और संपत्ति का पुनर्वितरण करना पड़ सकता है

अमेरिका और चीन के बीच टेक्नोलॉजी वॉर और तेज हो सकता है

हालांकि जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में बूढ़ी होती आबादी के चलते ऑटोमेशन एक समाधान हो सकता है, लेकिन तकनीकी विकास की रफ्तार इंसानी अनुकूलन क्षमता से कहीं तेज है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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