[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Technology CNAP vs Truecaller: भारत में कॉलर आईडी का नया दौर, स्पैम कॉल्स पर नेटवर्क का वार

CNAP vs Truecaller: भारत में कॉलर आईडी का नया दौर, स्पैम कॉल्स पर नेटवर्क का वार

0
CNAP vs Truecaller: भारत में कॉलर आईडी का नया दौर, स्पैम कॉल्स पर नेटवर्क का वार
अब कॉल उठाने से पहले दिखेगी असली पहचान / सांकेतिक तस्वीर एक्स से

CNAP vs Truecaller: भारत में मोबाइल कॉल उठाने से पहले यह जानना कि सामने कौन है, अब सिर्फ थर्ड-पार्टी ऐप्स पर निर्भर नहीं रहेगा. सरकार और टेलीकॉम कंपनियां मिलकर Calling Name Presentation (CNAP) नामक नई व्यवस्था लागू कर रही हैं, जो सीधे नेटवर्क स्तर पर कॉलर की असली पहचान दिखाएगी. यह बदलाव न सिर्फ Truecaller जैसे ऐप्स को चुनौती देता है बल्कि मोबाइल धोखाधड़ी और स्पैम कॉल्स पर भी बड़ा वार साबित हो सकता है.

CNAP क्या है और कैसे बदलेगा कॉलर आईडी

CNAP कॉल आने से पहले ही स्क्रीन पर उस नाम को दिखाता है जो सिम कार्ड जारी करते समय KYC रिकॉर्ड में दर्ज हुआ था. यानी अब कोई भी नंबर फर्जी नाम से छिपाना मुश्किल होगा. इंटरनेट या यूजर-जेनरेटेड लेबल्स पर निर्भर रहने वाले ऐप्स की तुलना में CNAP पूरी तरह नेटवर्क-आधारित है और कॉलर की पहचान को आधिकारिक डेटाबेस से जोड़ताहै.

किन सर्किलों में शुरू हुआ CNAP

देशभर में CNAP का चरणबद्ध रोलआउट जारी है. रिलायंस जियो ने सबसे ज्यादा राज्यों में इसे सक्रिय किया है, जिनमें बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और केरल शामिल हैं. एयरटेल ने पश्चिम बंगाल, गुजरात और महाराष्ट्र में परीक्षण शुरू किया है, जबकि वोडाफोन आइडिया ने महाराष्ट्र में लाइव कर दिया है. बीएसएनएल ने भी पश्चिम बंगाल में सीमित स्तर पर इसे लागू किया है.

सरकार क्यों कर रही है CNAP को प्रमोट

फोन कॉल्स के जरिए धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के मामलों में लगातार बढ़ोतरी ने सरकार को सख्त कदम उठाने पर मजबूर किया है. CNAP के साथ-साथ SIM-बाइंडिंग नियम भी लागू किए जा रहे हैं, जिनके तहत मैसेजिंग ऐप्स तभी काम करेंगे जब वही सिम फोन में सक्रिय हो जिससे अकाउंट बना था. इससे फर्जी अकाउंट्स और नंबर बदलकर किये जाने वाले घोटालों पर लगाम लगेगी.

Truecaller की भूमिका अब कहां बचेगी?

Truecaller ने भारत में स्पैम कॉल्स की पहचान और पैटर्न एनालिसिस में अहम योगदान दिया है. CNAP आने के बाद भी Truecaller की भूमिका खत्म नहीं होगी, बल्कि उसका फोकस अब ज्यादा वैल्यू-एडेड सर्विसेज जैसे स्पैम प्रॉबेबिलिटी, बिजनेस वेरिफिकेशन और फ्रॉड ट्रेंड्स पर होगा. यानी पहचान नेटवर्क से मिलेगी, लेकिन विश्लेषण ऐप्स करेंगे.

भरोसे का नया ढांचा

CNAP यह साबित करता है कि अब कॉलर आईडी का भरोसा सीधे टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर में गढ़ा जाएगा, न कि बाहरी ऐप्सपर. इससे यूजर्स को साफ-सुथरी पहचान मिलेगी और कंपनियों को अपने सब्सक्राइबर रिकॉर्ड्स को और मजबूत रखना होगा. धीरे-धीरे CNAP पूरे देश में फैलते ही मोबाइल कॉलिंग का अनुभव पूरी तरह बदलने वाला है.

यह भी पढ़ें: जियो या एयरटेल? जानें किसका 1 साल का पैक है बेस्ट

यह भी पढ़ें: ₹6 डेली खर्च पर साल भर मिलेगा अनलिमिटेड फायदा, BSNL के इस प्लान के आगे Jio-Airtel भी फेल

Previous article Mesh Aaj Ka Rashifal 02 January 2026: मेष राशि वालें आज रहें सतर्क, क्रोध पर रखें नियंत्रण
Next article Kolkata Weather AQI: नव वर्ष के पहले दिन कोलकाता की हवा बहुत खराब
Avatar Of Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel