[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Technology यह सोलर प्लांट रात में भी बिजली बनाता है, जानिए मोल्टन साल्ट तकनीक का कमाल

यह सोलर प्लांट रात में भी बिजली बनाता है, जानिए मोल्टन साल्ट तकनीक का कमाल

0
यह सोलर प्लांट रात में भी बिजली बनाता है, जानिए मोल्टन साल्ट तकनीक का कमाल
मोल्टन साल्ट तकनीक / सिंबॉलिक एआई पिक

सोलर पैनल आमतौर पर सूरज की रोशनी से ही बिजली बनाते हैं और सूर्यास्त के बाद काम करना बंद कर देते हैं. लेकिन चीन ने इस सोच को बदल दिया है. देश ने अपने रेगिस्तानी इलाके दुनहुआंग में ऐसा हाई-टेक सोलर प्लांट तैयार किया है जो रात में भी बिजली जेनरेट करता है. इसका मतलब है कि अब एसी, पंखे और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सिर्फ दिन में ही नहीं, बल्कि रात में भी सोलर एनर्जी से चल सकेंगे.

कैसे काम करता है यह प्लांट

इस प्लांट में पारंपरिक सोलर पैनल की जगह 12 हजार शीशे (Heliostats) लगाये गए हैं. ये शीशे सूरज की दिशा को ट्रैक करते हैं और उसकी रोशनी को एक ऊंचे टॉवर पर केंद्रित करते हैं. टॉवर के शीर्ष पर यह रोशनी बेहद गर्म हवा पैदा करती है, जिससे बिजली उत्पादन की प्रक्रिया शुरू होती है.

मोल्टन साल्ट: रात की ऊर्जा का राज

इस प्लांट की सबसे बड़ी खासियत है Molten Salt Technology. दिनभर सूरज की गर्मी को यह नमक स्टोर कर लेता है. सूर्यास्त के बाद यही गर्मी पानी को भाप में बदलती है, जिससे टर्बाइन चलते रहते हैं और बिजली बनती रहती है. यह सिस्टम एक तरह से बैटरी की तरह काम करता है, लेकिन ऊर्जा को हीट के रूप में स्टोर करता है.

घरों और उद्योगों पर असर

इस तकनीक से जेनरेट की गई बिजली का इस्तेमाल घरों में एसी, पंखे, कूलर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चलाने में किया जा सकता है. साथ ही, बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के लिए भी यह ऊर्जा बेहद उपयोगी साबित होगी. खासकर उन इलाकों में जहां रात में बिजली की मांग ज्यादा होती है.

भारत के लिए सबक

भारत में भी सोलर एनर्जी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन रात में बिजली उत्पादन अभी भी चुनौती है. चीन का यह मॉडल भारत के लिए प्रेरणा बन सकता है, खासकर रेगिस्तानी और धूप वाले क्षेत्रों में जहां ऐसे प्रोजेक्ट्स आसानी से लगाये जा सकते हैं.

यह भी पढ़ें: 1 घंटे में 4.5 लाख रुपये खर्च कर रात को बनाइए दिन, कमाल की है तकनीक

Previous article चाय वाले के बेटे ने रचा इतिहास, देव को UPSC में मिला AIR 152
Next article टीचर बनने का है सपना? जानें बीएड और डीएलएड में कौन सा कोर्स है बेस्ट
Avatar Of Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel