[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Technology AC और फ्रिज पर लगे ये छोटे स्टार बचा सकते हैं हर साल हजारों रुपये, खरीदने से पहले जान लें राज

AC और फ्रिज पर लगे ये छोटे स्टार बचा सकते हैं हर साल हजारों रुपये, खरीदने से पहले जान लें राज

0
AC और फ्रिज पर लगे ये छोटे स्टार बचा सकते हैं हर साल हजारों रुपये, खरीदने से पहले जान लें राज
जानिए एसी-फ्रिज पर लगे 5 स्टार रेटिंग का मतलब

नया AC, फ्रिज या वॉशिंग मशीन खरीदते वक्त आपने उन पर लगे चमकदार स्टार वाले स्टिकर जरूर देखे होंगे. ज्यादातर लोग इन्हें सिर्फ एक नंबर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन असल में यही छोटे-छोटे स्टार तय करते हैं कि आपका बिजली बिल कितना भारी आने वाला है. कई बार सिर्फ 3-स्टार और 5-स्टार के बीच का फर्क ही सालभर में हजारों रुपये बचा सकता है. भारत में इन रेटिंग्स को तय करने का काम Bureau of Energy Efficiency (BEE) करता है, जो यह बताता है कि कौन-सा इलेक्ट्रॉनिक अप्लायंसेज कम बिजली में बेहतर परफॉर्म करेगा. अगर आप भी नया इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने की सोच रहे हैं, तो इन स्टार रेटिंग्स को समझना आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है.

कैसे काम करती है BEE स्टार रेटिंग सिस्टम?

भारत में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज पर BEE की स्टार रेटिंग 1 से 5 तक दी जाती है. आसान भाषा में समझें तो जितने ज्यादा स्टार होंगे, उतनी कम बिजली खर्च होगी. यानी 1-स्टार वाले डिवाइस ज्यादा बिजली खर्च करते हैं, जबकि 5-स्टार वाले डिवाइस बिजली बचाने में बेहतर माने जाते हैं.

हालांकि, ये रेटिंग हमेशा एक जैसी नहीं रहती. BEE हर कुछ साल में अपने नियम बदलता है. इसलिए जो AC या फ्रिज पहले 5-स्टार था, वह नए नियम आने के बाद 3-स्टार भी बन सकता है. ऐसा कंपनियों को और ज्यादा बिजली बचाने वाली तकनीक बनाने के लिए किया जाता है.

स्टार्स के साथ लेबल पर सालभर की बिजली खपत भी लिखी होती है, जिसे kWh या यूनिट में दिखाया जाता है. यही नंबर बताता है कि आपका उपकरण पूरे साल में कितनी बिजली खर्च करेगा और इसी से आपके बिजली बिल का अंदाजा लगाया जा सकता है.

AC में स्टार रेटिंग का क्या मतलब है?

गर्मी के दिनों में AC सबसे ज्यादा बिजली खर्च करने वाले अप्लायंसेज में से एक होता है. इसलिए AC खरीदते समय उसकी स्टार रेटिंग पर ध्यान देना बहुत जरूरी होता है. भारत में AC की बिजली बचाने की क्षमता को ISEER रेटिंग से मापा जाता है. यानी जितनी ज्यादा ISEER वैल्यू होगी, AC उतनी कम बिजली में बेहतर कूलिंग करेगा.

जैसे कि, 1.5 टन का 5-स्टार AC कम बिजली खर्च करता है, जबकि उसी कैपेसिटी का 3-स्टार AC ज्यादा बिजली खपत करता है. अगर दोनों AC रोजाना करीब 8 घंटे चलाए जाएं, तो 5-स्टार AC पूरे सीजन में लगभग 900 से 1000 यूनिट बिजली खर्च करेगा, जबकि 3-स्टार मॉडल 1300 यूनिट से ज्यादा बिजली इस्तेमाल कर सकता है. इसलिए शुरुआत में थोड़ा ज्यादा पैसा खर्च करके 5-स्टार AC खरीदना लंबे समय में ज्यादा फायदे का सौदा साबित हो सकता है.

फ्रिज में स्टार रेटिंग क्यों जरूरी होती है?

फ्रिज उन अप्लायंसेज में शामिल है जो 24 घंटे लगातार चलते रहते हैं. इसलिए इसमें बिजली की बचत और भी ज्यादा मायने रखती है. जैसे कि, 250 लीटर का 5-स्टार रेफ्रिजरेटर सालभर में करीब 175 से 190 यूनिट बिजली खर्च करता है. वहीं, इसी कैपेसिटी का 3-स्टार मॉडल 230 से 260 यूनिट तक बिजली खपा सकता है. यानी कि ज्यादा स्टार वाला फ्रिज कम बिजली में बेहतर काम करता है. इसलिए शुरुआत में थोड़ा महंगा होने के बावजूद 5-स्टार फ्रिज लंबे समय में बिजली बिल बचाने में मदद कर सकता है.

वॉशिंग मशीन और टीवी में स्टार रेटिंग का क्या मतलब है?

वॉशिंग मशीन में भी स्टार रेटिंग यह बताती है कि मशीन कितनी बिजली बचाती है. भारत में यह रेटिंग फ्रंट-लोड और टॉप-लोड दोनों मशीनों पर लागू होती है. आमतौर पर फ्रंट-लोड वॉशिंग मशीन कम पानी और कम बिजली का इस्तेमाल करती हैं, इसलिए इन्हें ज्यादा बेहतर माना जाता है.

अगर तुलना करें, तो 5-स्टार फ्रंट-लोड मशीन, 3-स्टार टॉप-लोड मशीन के मुकाबले काफी कम बिजली खर्च कर सकती है. इसलिए अगर आपका फोकस बिजली बिल कम करना है, तो फ्रंट-लोड मशीन अच्छा ऑप्शन हो सकता है.

टीवी में स्टार रेटिंग उसके इस्तेमाल के दौरान और स्टैंडबाय मोड में होने वाली बिजली खपत के आधार पर तय की जाती है. कुछ टीवी कम बिजली खर्च करते हैं, जबकि बड़े और ज्यादा ब्राइट स्क्रीन वाले मॉडल ज्यादा बिजली इस्तेमाल कर सकते हैं. इसलिए टीवी खरीदते समय स्क्रीन साइज और बिजली खपत दोनों पर ध्यान देना जरूरी होता है.

असली बिजली बचत का हिसाब कैसे लगाएं?

अगर आप जानना चाहते हैं कि कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस सालभर में कितनी बिजली खर्च करेगा, तो इसका एक आसान तरीका है. सबसे पहले उस डिवाइस पर लिखे Annual Energy Consumption यानी सालाना बिजली खपत (kWh/यूनिट) को देखें. फिर उसे अपने इलाके की बिजली रेट से गुणा कर दें.

जैसे कि, अगर किसी AC की सालाना बिजली खपत 1000 यूनिट है और आपके यहां बिजली 7 रुपये प्रति यूनिट मिलती है, तो उसका सालाना बिजली खर्च करीब 7000 रुपये होगा.

इसी तरह आप 3-स्टार और 5-स्टार मॉडल के बीच बिजली खर्च का अंतर आसानी से समझ सकते हैं. 5-स्टार डिवाइस शुरुआत में थोड़ा महंगा जरूर होता है, लेकिन कम बिजली खर्च की वजह से उसकी अतिरिक्त कीमत 2 से 3 साल में ही निकल जाती है.

यही कारण है कि AC, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे लंबे समय तक इस्तेमाल होने वाले अप्लायंसेज में ज्यादा स्टार रेटिंग वाला मॉडल खरीदना फ्यूचर के लिए ज्यादा फायदेमंद माना जाता है.

यह भी पढ़ें: क्या समय के साथ कमजोर हो जाता है स्मार्टफोन का कैमरा? जानिए सच

Previous article मुंगेर में आज का मंडी भाव
Next article पूर्णिया में सात घोड़ों के रथ पर विराजते सूर्यदेव, आदित्यधाम में रविवार को उमड़ती है आस्था
Avatar Of Shivani Shah
शिवानी कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर टेक-ऑटो कंटेंट राइटर हैं और डिजिटल मीडिया में वह 3 सालों से सक्रिय हैं. वह टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं. वह आसान भाषा और साफ तरीके से खबर लिखती हैं. टेक कैटेगरी में वह स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), गैजेट्स, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स पर खबर लिखती हैं. ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी शिवानी नई कार-बाइक लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ऑटो अपडेट्स, कार और बाइक से जुड़े टिप्स व नई तकनीक पर खबरें लिखती हैं. वह टेक और ऑटो की खबरों को आसान तरीके से पेश करती हैं, ताकि हर रीडर उसे आसानी से समझ सके. उनकी लेखन शैली आसान, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है. शिवानी ने करीम सिटी कॉलेज जमशेदपुर से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. इसके बाद उन्होंने अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से पत्रकारिता में अपनी मास्टर्स की डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे कंटेन्ट राइटिंग की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिवानी ने Lagatar.Com और The News Post जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है. यहां उन्होंने टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और अन्य न्यूज बीट पर कंटेंट तैयार किया. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में उनकी खास रुचि है और वह लगातार नए विषयों पर बेहतर और भरोसेमंद कंटेंट तैयार कर रही हैं. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शिवानी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि रीडर्स तक सही, काम की खबरें और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel