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Home Technology iPhone 13, 14, 15 की फिर से वापसी! जानिए क्यों लोग इन्हें खरीद रहे और क्यों पीछे रह गए नये Androids?

iPhone 13, 14, 15 की फिर से वापसी! जानिए क्यों लोग इन्हें खरीद रहे और क्यों पीछे रह गए नये Androids?

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iPhone 13, 14, 15 की फिर से वापसी! जानिए क्यों लोग इन्हें खरीद रहे और क्यों पीछे रह गए नये Androids?
iPhone vs Android & Used iPhone India

Apple भारत में पुराने iPhones (Used iPhone India) की रिकॉर्ड बिक्री कर रहा है. जबकि नये Android फोन बेहतर फीचर्स और स्पेसिफिकेशन के साथ आते हैं, फिर भी लोग iPhone 13, 14 या 15 जैसे पुराने मॉडल को चुन रहे हैं. आखिर ऐसा क्यों?

परफॉर्मेंस जो सालों तक बनी रहती है

Apple के Bionicचिपसेट पुराने iPhones को भी तेज और स्मूदबनाये रखते हैं. 2-3 साल पुराने iPhones भी ऐप्स को फटाफट खोलते हैं और कैमरा तुरंत लॉन्च होता है.

लंबा सॉफ्टवेयर सपोर्ट

Apple 5 साल तक iOS अपडेट देता है, वो भी सभी मॉडल्स को एक साथ. Android में ऐसा सपोर्ट मिड-रेंज सेगमेंट में नहीं मिलता.

Apple इकोसिस्टम का जादू

AirPods, Apple Watch, AirDrop जैसी सुविधाएं पुराने iPhones को भी प्रीमियम अनुभव देती हैं. पहली बार iPhone खरीदने वालों के लिए यह बड़ा आकर्षण है.

कैमरा जो समय के साथ बेहतर बना रहता है

ऐपल आईफोन में भले ही कम लेंस हों, लेकिन फोटो और वीडियो की क्वाॅलिटी स्थिर और भरोसेमंद रहती है. WhatsApp स्टोरीज और Reels के लिए यह काफी है.

बैटरी और रीसेल वैल्यू

iPhones की बैटरी हेल्थ लंबे समय तक बनी रहती है. साथ ही, रीसेल वैल्यू भी Android के मुकाबले बेहतर होती है.

ऑफर्स और डिस्काउंट्स का फायदा

Apple हर साल पुराने मॉडल्स की कीमत घटाता है. बैंक ऑफर्स, नो-कॉस्ट EMI और एक्सचेंज बोनस से पुराने iPhones मिड-रेंज Androids जितने सस्ते हो जाते हैं.

Apple का भरोसा

लोग स्पेसिफिकेशन से ज्यादा भरोसेमंद परफॉर्मेंस, लंबा सपोर्ट और Apple के इकोसिस्टम को प्राथमिकता दे रहे हैं. यही वजह है कि पुराने iPhones आज भी भारत में सबसे ज्यादा बिक रहे हैं.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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