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Home Technology AI अगर ले लेती है आपकी जॉब, तो क्या करें? Perplexity CEO ने बताया नया रास्ता

AI अगर ले लेती है आपकी जॉब, तो क्या करें? Perplexity CEO ने बताया नया रास्ता

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AI अगर ले लेती है आपकी जॉब, तो क्या करें? Perplexity CEO ने बताया नया रास्ता
AI से नौकरियों को खतरा और अवसर / / AI इमेज

आज जब AI के कारण नौकरी छूटने की आशंका बढ़ रही है, तब Perplexity के CEO अरविंद श्रीनिवास ने एक अलग नजरिया पेश किया है. उन्होंने कहा कि AI से होने वाली छंटनी को खतरे के बजाय अवसर के रूप में देखना चाहिए. उनका मानना है कि यह समय लोगों को आंत्रप्रन्योरशिप की ओर बढ़ने का मौका देता है.

नौकरी से असंतुष्ट लोगों के लिए नया रास्ता

श्रीनिवास ने हाल ही में Nvidia GTC इवेंट में कहा कि ज्यादातर लोग अपनी नौकरियों से खुश नहीं होते. ऐसे में AI टूल्स सीखकर और उनका इस्तेमाल करके लोग अपना छोटा-सा बिजनेस शुरू कर सकते हैं. भले ही शुरुआत में नौकरी न होने से मुश्किलें आएं, लेकिन यह भविष्य में बड़ा बदलाव ला सकता है.

AI Job Threat: स्टार्टअप की नींव है एआई

उनका मानना है कि AI स्टार्टअप्स के लिए इंजन की तरह काम करता है. इससे बड़ी टीमों और भारी फंडिंग की जरूरत कम हो जाती है. उन्होंने TurboAI का उदाहरण दिया, जिसे कॉलेज के दो छात्रों ने सिर्फ $300 (करीब ₹28,000) से शुरू किया था. आज यह टूल 8.5 बिलियन यूजर्स तक पहुंच चुका है और सिर्फ 13 कर्मचारियों के साथ हर महीने लगभग ₹94 करोड़ की कमाई करता है.

सैम ऑल्टमैन की सोच से मेल

OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने भी कहा था कि AI एक ऐसा बिजनेस संभव बना सकता है जिसे सिर्फ एक व्यक्ति चलाए. श्रीनिवास ने इस विचार को समर्थन देते हुए कहा कि छोटे बिजनेस में AI की मदद से यूनिकॉर्न बनने का सबसे बड़ा मौका है. यानी जहां AI नौकरियां खत्म कर रहा है, वहीं यह कम लोगों में बड़े बिजनेस बनाने का दरवाजा भी खोल रहा है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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