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Home Technology AI की शरण में देश की आधी कंपनियां, IT पर पैसे खर्च करने में पीछे, जानिए क्या कहती है EY-CII की रिपोर्ट

AI की शरण में देश की आधी कंपनियां, IT पर पैसे खर्च करने में पीछे, जानिए क्या कहती है EY-CII की रिपोर्ट

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AI की शरण में देश की आधी कंपनियां, IT पर पैसे खर्च करने में पीछे, जानिए क्या कहती है EY-CII की रिपोर्ट
आधी भारतीय कंपनियां एआई पर निर्भर, लेकिन बजट अभी कम

AIdea of India: देश की कंपनियों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यानी एआई यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को लेकर रुचि तेजी से बढ़ रही है, लेकिन निवेश का स्तर अब भी उम्मीद से काफी नीचे है. नयी ईवाई – सीआईआई रिपोर्ट बताती है कि बड़ी संख्या में भारतीय संगठन एआई आधारित समाधान अपनाने लगे हैं, पर खर्च बढ़ाने को लेकर उनका रुख अभी सतर्क है.

47% कंपनियों में GenAI का सक्रिय उपयोग

रिपोर्ट के अनुसार लगभग आधी भारतीय कंपनियों ने अपने प्रोडक्शन प्रॉसेसेज में अब जेनरेटिव एआई (GenAI) को किसी-न-किसी रूप में शामिल कर लिया है. 47 प्रतिशत उद्यमों ने स्वीकार किया कि उनके पास कई स्पष्ट उपयोग मामलों पर काम चल रहा है, जबकि 23 प्रतिशत अभी शुरुआती प्रयोगात्मक चरण में हैं.

व्यावसायिक प्रभाव को लेकर भरोसा, तैयारी भी मजबूत

सर्वेक्षण दिखाता है कि भारतीय उद्योग एआई की संभावनाओं को लेकर काफी आत्मविश्वास रखते हैं. 76 प्रतिशत कॉर्पोरेट नेतृत्व का मानना है कि GenAI आने वाले वर्षों में व्यावसायिक ढांचे पर गहरा प्रभाव डालेगा. लगभग 63 प्रतिशत संगठनों ने कहा कि वे इस तकनीक के प्रभावी उपयोग के लिए तैयार हैं या तेजी से तैयारी कर रहे हैं.

AI Budget पर कंपनियों का रुख अब भी सतर्क

उम्मीद बढ़ने के बावजूद वास्तविक निवेश सीमित है. रिपोर्ट बताती है कि 95 प्रतिशत से अधिक संगठन अपने कुल IT खर्च का 20 प्रतिशत से भी कम हिस्सा AI और Machine Learning पर खर्च कर रहे हैं. यह दिखाता है कि विश्वास तो बढ़ रहा है, लेकिन बजट आवंटन में कंपनियां अभी भी जोखिम लेने से बच रही हैं.

20+ उद्योगों का सर्वे, सरकारी इकाइयां भी शामिल

The AIdea of India: Outlook 2026 शीर्षक वाली यह रिपोर्ट 20 से अधिक क्षेत्रों के 200 संगठनों के सर्वे पर आधारित है. इसमें सरकारी संस्थान, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्टार्टअप, Global Capability Centers (GCC) और बहुराष्ट्रीय कंपनियों की भारतीय शाखाएं शामिल थीं.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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