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Home Technology क्या है आधार स्कैम, जिससे ओटीपी या पिन के बिना खाली हो जा रहा बैंक अकाउंट?

क्या है आधार स्कैम, जिससे ओटीपी या पिन के बिना खाली हो जा रहा बैंक अकाउंट?

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क्या है आधार स्कैम, जिससे ओटीपी या पिन के बिना खाली हो जा रहा बैंक अकाउंट?
बिना OTP या PIN, बैंक अकाउंट कैसे हो रहा खाली!

मैंने जब पहली बार ये खबर पढ़ी कि सिर्फ फिंगरप्रिंट से लोगों के बैंक खाते साफ हो रहे हैं, तो सच कहूं तो मेरे भी होश उड़ गए. सोचिए, बिना किसी ओटीपी, बिना किसी पासवर्ड, सिर्फ आपके आधार और अंगूठे के निशान से कोई आपके पैसों पर हाथ साफ कर दे. ये कहानी है AEPS फ्रॉड (Aadhaar Scam) की, जो खासकर ग्रामीण इलाकों में लोगों को निशाना बना रहा है.

कैसे होता है ये Aadhaar वाला फ्रॉड?

ठग सबसे पहले आपका आधार डेटा और बायोमैट्रिक डिटेल्स (जैसे फिंगरप्रिंट) चुरा लेते हैं. ये डेटा कई बार लीक हुए रिकॉर्ड्स से मिलता है. फिर स्कैमर्स नकली फिंगरप्रिंट बनाते हैं और AEPS माइक्रो-ATM पर इस्तेमाल करते हैं. नतीजा- आपके खाते से पैसे ऐसे निकल जाते हैं जैसे किसी ने चुपके से तिजोरी की चाबी हासिल कर ली हो.

Aadhaar Scam: म्यूल अकाउंट का खेल

अब सवाल उठता है कि पैसा कहां जाता है? इसके लिए स्कैमर्स”म्यूलअकाउंट” का इस्तेमाल करते हैं. ये वो खाते होते हैं जिन्हें या तो लोग किराए पर देते हैं या फिर हैक होकर ठगों के हाथ लग जाते हैं. इन खातों से पैसों का हेरफेर होता है ताकि असली अपराधी तक पहुंचना मुश्किल हो जाए.

GPS डिवाइस से लगेगा ब्रेक

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इस तरह की ठगी रोकने का सबसे असरदार तरीका है GPSइनेबल्डडिवाइस. मतलब, ट्रांजैक्शन सिर्फ उसी जगह से हो पाएगा जहां मशीन रजिस्टर्ड है. अगर कोई बाहर से कोशिश करेगा, तो पेमेंट फेल हो जाएगी. इससे बैंकों को भी फायदा है क्योंकि GPS डेटा से फ्रॉड हॉटस्पॉट्स की पहचान हो जाती है.

आने वाला समय और भी स्मार्ट

भविष्य में इन डिवाइस में AI और बायोमेट्रिक लाइवेनेस चेक जैसी टेक्नोलॉजी जुड़ सकती है. इससे नकली फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल नामुमकिन हो जाएगा. ध्यान रहे- ये डिवाइस आपकी लोकेशन ट्रैक नहीं करते, बल्कि मशीन की लोकेशन बताते हैं. यानी सुरक्षा बढ़ेगी लेकिन प्राइवेसी बनी रहेगी.

Aadhaar Scam: आप कैसे बच सकते हैं?

सबसे जरूरी है जागरूक रहना. UIDAI की वेबसाइट पर जाकर अपने आधार और बायोमैट्रिक्स को लॉक कर लें. किसी भी अनजान या नकली सेंटर पर आधार अपडेट न कराएं. आधार कार्ड की फोटो कॉपी देते वक्त सावधान रहें- कोशिश करें कि फिजिकल कार्ड से ही कॉपी बने और डिजिटल फोटो भेजने के बाद उसे तुरंत डिलीट कर दें.

यह भी पढ़ें:भारत में इन 5 बड़े स्कैम्स से हर दिन लगाया जा रहा लोगों को चूना, कहीं अगला शिकार आप तो नहीं? जान लें बचने के तरीके

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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