[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Technology Google Chrome पर प्राइवेसी को लेकर सवाल, बैकग्राउंड में डाउनलोड हो रहा 4GB का AI मॉडल

Google Chrome पर प्राइवेसी को लेकर सवाल, बैकग्राउंड में डाउनलोड हो रहा 4GB का AI मॉडल

0
Google Chrome पर प्राइवेसी को लेकर सवाल, बैकग्राउंड में डाउनलोड हो रहा 4GB का AI मॉडल
गूगल क्रोम / एआई इमेज

अगर आप Google Chrome ब्राउजर का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी हो सकती है. हाल ही में एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Chrome कुछ यूजर्स के सिस्टम में बिना उनके परमिशन के करीब 4GB का AI मॉडल डाउनलोड कर रहा है. इस बात का खुलासा स्वीडन के कंप्यूटर साइंटिस्ट Alexander Hanff ने अपने ब्लॉग पोस्ट में किया.

सिस्टम में कहां सेव होती है यह फाइल?

रिपोर्ट के मुताबिक, यह फाइल सिस्टम में OptGuideOnDeviceModel नाम के फोल्डर में weights.bin के रूप में सेव होती है. बताया जा रहा है कि यह फाइल Google के छोटे AI मॉडल Gemini Nano की है, जो क्लाउड की बजाय सीधे यूजर के डिवाइस पर काम करता है.

किन यूजर्स के सिस्टम में हो रहा डाउनलोड?

रिपोर्ट के मुताबिक, Chrome बैकग्राउंड में Google के Gemini Nano AI सिस्टम से जुड़ी बड़ी फाइल डाउनलोड कर रहा है. ब्राउजर पहले यह चेक करता है कि यूजर का लैपटॉप या डेस्कटॉप जरूरी हार्डवेयर रिक्वायरमेंट्स को पूरा करता है या नहीं. अगर सिस्टम रिक्वायरमेंट्स पूरी करता है, तो AI मॉडल अपने आप डाउनलोड होना शुरू हो जाता है.

हालांकि यह AI मॉडल हर यूजर के सिस्टम में डाउनलोड नहीं हो रहा है. यह उन्हीं यूजर्स के सिस्टम में इंस्टॉल हो रहा है, जिन्होंने Chrome के कुछ AI फीचर्स ऑन किए हैं. इनमें Help me write और ऑन-डिवाइस स्कैम डिटेक्शन जैसे फीचर्स शामिल हैं.

अगर ये फीचर्स एक्टिव हैं, तो Chrome अपने आप Gemini Nano मॉडल डाउनलोड कर सकता है. इतना ही नहीं, अगर यूजर इस फाइल को डिलीट भी कर दे, तो ब्राउजर इसे दोबारा डाउनलोड कर लेता है.

AI मॉडल को कैसे बंद करें?

रिपोर्ट के अनुसार, इस AI मॉडल को पूरी तरह हटाने के लिए यूजर्स को Chrome की Settings में जाकर On-device AI ऑप्शन बंद करना होगा. इसके लिए Settings में System के ऑप्शन में जाकर यह फीचर ऑफ किया जा सकता है.

Chrome में कब शुरू हुए AI फीचर्स?

Google ने पहली बार 2024 में Chrome में AI फीचर्स जोड़ने शुरू किए थे. उस समय Tab Organizer और Help me write जैसे टूल्स पेश किए गए थे. बाद में कंपनी ने ब्राउजर में Gemini AI इंटीग्रेशन समेत कई नए AI फीचर्स शामिल किए.

Google ने क्या कहा?

Google का कहना है कि Gemini Nano मॉडल यूजर्स की सुरक्षा और कुछ AI फीचर्स को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. कंपनी के मुताबिक, यह मॉडल लोकली काम करता है, इसलिए यूजर का डेटा क्लाउड पर भेजने की जरूरत नहीं पड़ती.

कंपनी ने यह भी बताया कि अगर सिस्टम में स्टोरेज कम होने लगे, तो Chrome खुद इस मॉडल को ऑटोमैटिक तरीके से डिलीट कर देता है. साथ ही अब यूजर्स को Chrome Settings से इसे बंद और हटाने का ऑप्शन भी दिया जा रहा है.

प्राइवेसी और डेटा खर्च को लेकर बढ़ी चिंता

रिपोर्ट में कहा गया है, कि यह मुद्दा सिर्फ प्राइवेसी तक ही सीमित नहीं है. अगर करोड़ों Google Chrome यूजर्स के सिस्टम में 4GB का Gemini Nano मॉडल डाउनलोड होता है, तो इससे इंटरनेट डेटा और बिजली की खपत काफी बढ़ सकती है. खासकर लिमिटेड इंटरनेट प्लान इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को एक्स्ट्रा खर्च उठाना पड़ सकता है.

यह भी पढ़ें: ऑस्ट्रेलिया से बैठकर भारत में सर्जरी, 10 हजार किमी दूर से मरीज का ऑपरेशन कर भारतीय डॉक्टर ने रचा इतिहास

Previous article Bhagalpur. बिहपुर विधायक इंजीनियर कुमार शैलेंद्र और बुलो मंडल मंत्रिमंडल में शामिल, कार्यकर्ताओं में उत्साह
Next article Video : पहले की रेकी, फिर मारी गोली, PA की हत्या पर क्या बोले शुभेंदु अधिकारी
Avatar Of Shivani Shah
शिवानी कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर टेक-ऑटो कंटेंट राइटर हैं और डिजिटल मीडिया में वह 3 सालों से सक्रिय हैं. वह टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं. वह आसान भाषा और साफ तरीके से खबर लिखती हैं. टेक कैटेगरी में वह स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), गैजेट्स, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स पर खबर लिखती हैं. ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी शिवानी नई कार-बाइक लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ऑटो अपडेट्स, कार और बाइक से जुड़े टिप्स व नई तकनीक पर खबरें लिखती हैं. वह टेक और ऑटो की खबरों को आसान तरीके से पेश करती हैं, ताकि हर रीडर उसे आसानी से समझ सके. उनकी लेखन शैली आसान, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है. शिवानी ने करीम सिटी कॉलेज जमशेदपुर से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. इसके बाद उन्होंने अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से पत्रकारिता में अपनी मास्टर्स की डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे कंटेन्ट राइटिंग की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिवानी ने Lagatar.Com और The News Post जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है. यहां उन्होंने टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और अन्य न्यूज बीट पर कंटेंट तैयार किया. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में उनकी खास रुचि है और वह लगातार नए विषयों पर बेहतर और भरोसेमंद कंटेंट तैयार कर रही हैं. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शिवानी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि रीडर्स तक सही, काम की खबरें और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel